सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा, 2026 तक गोल्ड का लक्ष्य तय!

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  सोने की कीमतों पर फिलहाल दबाव बढ़ता दिख रहा है, खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आगामी बैठक से पहले। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापारिक सौदे की उम्मीदों के बीच निवेशक सोने की कीमतों में गिरावट पर धैर्यपूर्वक खरीदारी कर सकते हैं, जबकि लंबी अवधि में सोने का लक्ष्य 2026 तक $5,000 (₹441300 INR)  तक रखा जा रहा है।

ताज़ा परफॉर्मेंस:
27 अक्टूबर को सोने की कीमत $4,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे गिर गई। यह गिरावट अमेरिका और चीन के बीच व्यापार सौदे के सकारात्मक संकेतों के कारण हुई। उसी समय, एमसीएक्स का दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट 2.35% गिरकर ₹1,20,546 पर आया। अक्टूबर के तीसरे हफ्ते में सोने की कीमत में 3.29% की गिरावट दर्ज हुई, जो पिछले दस हफ्तों में पहली साप्ताहिक गिरावट थी।

US-चीन व्यापार समझौता:
मलेशिया में हुई बातचीत के बाद दोनों देशों ने प्रारंभिक सहमति बनाई है, जिसमें निर्यात नियंत्रण, फेंटानिल, शिपिंग शुल्क जैसे मुद्दे शामिल हैं। अमेरिका ने 100% चीनी टैरिफ को हटाने की योजना बनाई है और टिक-टॉक की बिक्री पर मतभेद भी हल किए जा सकते हैं। इसके अलावा, चीन सोयाबीन की खरीद फिर से शुरू कर सकता है।

महत्वपूर्ण डेटा और संकेतक:
अमेरिका का सितंबर CPI रिपोर्ट अपेक्षा से कम रहा, जिससे मुद्रास्फीति 3% पर बनी। इसके चलते फेड के अक्टूबर में ब्याज दर में कटौती की संभावना मजबूत हुई। ट्रेडर्स ने दिसंबर में 25 बेसिस प्वाइंट कटौती को लगभग पूरी तरह से शामिल कर लिया है। S&P कंपोजिट PMI और यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सूचकांक ने मिश्रित संकेत दिए।

LBMA कॉन्फ्रेंस और ETF डेटा:
लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन की कॉन्फ्रेंस में मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट का कहना है कि केंद्रीय बैंकों की सोने की मांग पहले जैसी नहीं रही। सोने के ग्लोबल ETF होल्डिंग्स तीसरे दिन लगातार घटकर 98.19 मिलियन औंस पर आ गई, हालांकि साल-दर-साल यह अभी भी 15.62% बढ़ी हुई है।

डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड:
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 98.06 पर स्थिर रहा, वहीं 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.015% और 2 साल की यील्ड 3.51% तक बढ़ी।

सोने का नजरिया:
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों पर जल्द ही दबाव रहेगा और $3,822 का समर्थन स्तर टेस्ट हो सकता है। अल्पकालिक समर्थन $3,950 पर है, जबकि रेसिस्टेंस $4,160–$4,200 के बीच दिखता है। लंबी अवधि में निवेशक सोने को गिरावट पर खरीदकर 2026 तक $5,000 के लक्ष्य को ध्यान में रख सकते हैं।

चांदी की स्थिति:
चांदी $47.50–$47.80 के समर्थन क्षेत्र से नीचे गिर गई है। हालांकि, यह लगभग 15% गिरने के बाद काफी ओवरसोल्ड है। US-चीन व्यापार समझौते से चांदी को कुछ सहारा मिलेगा। निवेशक इसे मध्यम से लंबी अवधि के लिए खरीद सकते हैं। समर्थन स्तर $45.70 और $44, जबकि रेसिस्टेंस $47.80–$48.50 पर है।

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