हरियाणा में शोक की लहर! 9 फीट लंबा, 1500 KG वजन… नहीं रहा 9 करोड़ का बेशकीमती झोटा! बनाए थे 2 लाख वंशज

1320 Shares

हरियाणा के पशुपालक समुदाय और खासकर कुरुक्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। यहां के प्रसिद्ध मुर्रा नस्ल के झोटे युवराज का 23 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। लगभग 9 करोड़ रुपए की कीमत आंके गए युवराज अपने मालिक कर्मवीर सिंह के लिए केवल एक जानवर नहीं बल्कि परिवार का सदस्य और पहचान का प्रतीक था।

युवराज की उपलब्धियां और भव्यता

कुरुक्षेत्र के लाडवा विधानसभा क्षेत्र के सुनारियां गांव के किसान कर्मवीर सिंह का युवराज अपनी नस्ल का एक बेताज बादशाह था। युवराज का वजन लगभग 1500 किलोग्राम था, वह 9 फीट लंबा और 6 फीट ऊँचा था। उसने अपने जीवनकाल में 29 बार राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के पशु मेलों में मुर्रा नस्ल का चैंपियन खिताब जीता था। मालिक कर्मवीर का दावा है कि युवराज के सीमन (वीर्य) से लगभग 2 लाख कटड़े और कटड़ियां पैदा हुई हैं। युवराज की सालाना कमाई लगभग 80 लाख रुपये तक बताई जाती थी जो उसके सीमन की बिक्री से आती थी। उसे खरीदने के कई बड़े ऑफर आए लेकिन कर्मवीर ने हमेशा मना कर दिया।

युवराज का शाही रहन-सहन और भोजन

कर्मवीर सिंह ने बताया कि वह युवराज को अपने बच्चे की तरह प्यार करते थे। इस मुर्रा नस्ल के झोटे पर हर महीने करीब ₹1 लाख रुपए का खर्च आता था। रोजाना 20 लीटर दूध, 10 किलो फल, 10 किलो दाना, 6 किलो मटर और हरा चारा खिलाया जाता था। शाम के समय उसे 6 किलोमीटर की सैर कराई जाती थी। शरीर को चमकदार और मजबूत बनाए रखने के लिए रोज़ाना तेल से मालिश की जाती थी। कर्मवीर ने गर्व से बताया कि युवराज की वजह से ही उनकी पहचान पंजाब, हरियाणा, हैदराबाद, पटना और चित्रकूट जैसे देश के अलग-अलग हिस्सों तक बनी।

पीएम मोदी ने किया था दीदार, पिता की भी हाल में हुई थी मौत

दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी खुद युवराज को देखने के लिए आए थे।

  • वंश का योगदान: कर्मवीर ने बताया कि युवराज के सीमन से पैदा हुई कटड़ी पहली बार में ही 14 से 16 लीटर तक दूध देती है, जो 3 से 4 लाख रुपए तक बिकती थी।
  • परिवार की हानि: युवराज के पिता ‘योगराज’ का भी इसी साल जनवरी में करीब 23 साल की उम्र में निधन हो गया था। युवराज की मां गंगा की भी मौत हो चुकी है जिन्होंने 24 कटड़े-कटड़ियों को जन्म दिया था।
  • सम्मान: हिसार स्थित राष्ट्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र में युवराज की एक प्रतिमा भी लगाई गई है।

कर्मवीर सिंह के पास अब युवराज का छोटा भाई शूरवीर है जो अभी साढ़े 6 साल का है और हाल ही में मेरठ की लाला लाजपत राय यूनिवर्सिटी के मेले में अपनी नस्ल में चैम्पियन बना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *