राजस्थान सरकार अब घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली का लाभ केवल कागजों में नहीं, बल्कि उनकी छतों पर सोलर पैनल लगवाकर देना चाहती है। “पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना” के तहत राज्य के बिजली वितरण निगम (डिस्कॉम्स) ने नया मॉडल तैयार कर लिया है, जिसकी शुरुआत 13 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों जयपुर से की जाएगी।
योजना की रूपरेखा: हर छत पर सोलर, हर घर में उजाला
राज्य सरकार ने इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की रणनीति बनाई है। शुरुआत में राज्य के 77 लाख ऐसे उपभोक्ताओं को शामिल किया जाएगा, जिनकी मासिक बिजली खपत 150 यूनिट तक है। पहले चरण में 10 लाख घरों पर 1.1 किलोवाट क्षमता वाले सोलर पैनल लगाए जाएंगे। ये पैनल सीधे छत पर इंस्टॉल होंगे, जिससे घरों को दिन के समय मुफ्त सौर ऊर्जा मिल सकेगी और राज्य सरकार की सब्सिडी पर निर्भरता घटेगी।
सामुदायिक मॉडल पर लगी रोक, अब नया रोडमैप
इससे पहले योजना को सामुदायिक सोलर मॉडल में लागू करने का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने इसे मंजूरी नहीं दी। इसके बाद राज्य के ऊर्जा विभाग ने व्यक्तिगत घरों पर पैनल लगाने के इस नए मॉडल को प्रस्तुत किया है।
डिस्कॉम्स के सामने दो विकल्प: उपभोक्ता खुद लगाएं या सरकार करे इंस्टॉलेशन
राज्य सरकार अब दो प्रमुख विकल्पों पर विचार कर रही है:
पहला विकल्प: सरकार उपभोक्ताओं को सीधे 17,000 रुपये की सब्सिडी दे ताकि वे अपनी छतों पर खुद सोलर पैनल लगवा सकें।
दूसरा विकल्प: डिस्कॉम्स खुद पैनल इंस्टॉल करवाएं और उपभोक्ताओं को सीधे मुफ्त बिजली की सुविधा दें।
हालांकि, अफसरों की चिंता है कि अगर उपभोक्ता को पहले पूरा खर्च खुद वहन करना पड़ा और सब्सिडी बाद में मिली, तो बहुत से लोग योजना में भाग लेने से हिचक सकते हैं।
सब्सिडी को लेकर संशय: पहले पैसा लगेगा, बाद में रिफंड
राज्य सरकार की योजना के तहत प्रति उपभोक्ता 17,000 रुपये की सब्सिडी दी जानी है, लेकिन यह केंद्र सरकार की 33,000 रुपये की सब्सिडी पर निर्भर है। जब तक केंद्र से मंजूरी नहीं मिलती, तब तक राज्य की सब्सिडी अटकी रह सकती है। इससे योजना की गति प्रभावित हो सकती है, खासकर तब, जब उपभोक्ताओं को पहले खुद पैसे खर्च करने हों।
1.04 करोड़ घरेलू उपभोक्ता होंगे योजना के दायरे में
राजस्थान में वर्तमान में लगभग 1.04 करोड़ घरेलू उपभोक्ता रजिस्टर्ड हैं। इनमें से पहले चरण में 10 लाख और फिर धीरे-धीरे शेष 67 लाख उपभोक्ताओं को इस योजना से जोड़ने का प्लान है। इससे न केवल मुफ्त बिजली का वादा पूरा होगा, बल्कि राज्य पर सब्सिडी का वित्तीय बोझ भी घटेगा।
वर्तमान स्थिति: हर साल 6200 करोड़ रुपये की मुफ्त बिजली
फिलहाल मुख्यमंत्री नि:शुल्क बिजली योजना के तहत राज्य सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को हर साल लगभग ₹6200 करोड़ की बिजली मुफ्त दे रही है। इस नई योजना से राज्य सरकार की मंशा है कि यह बोझ कम हो और उपभोक्ता सौर ऊर्जा की दिशा में आत्मनिर्भर बनें।

