भोपाल में रिटायर्ड IAS की हत्या के आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर, अस्पताल में भर्ती; पुलिस ने आगरा से किया था गिरफ्तार

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प्रदेश की राजधानी भोपाल के नीलबड़ इलाके में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या के करीब एक महीने बाद पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। हत्याकांड का मुख्य आरोपी और मृतक का केयरटेकर वरुण कुमार उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया गया है। भोपाल लाते समय उसने मुगलिया छाप के पास पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश की। इस दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, भोपाल पुलिस की टीम वरुण को आगरा से गिरफ्तार कर राजधानी ला रही थी। इसी दौरान ग्राम मुगलिया छाप के पास उसने पुलिस को चकमा देकर भागने का प्रयास किया। उसे रोकने के दौरान पुलिस टीम के साथ झूमाझटकी भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की, जिसमें गोली लगने से वरुण घायल हो गया। फिलहाल अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है।

50 हजार रुपये का था इनाम

राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद से ही वरुण कुमार फरार था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आरोपी के पास अपना मोबाइल फोन नहीं होने के कारण उसकी लोकेशन ट्रेस करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।

जांच में सामने आया कि वारदात के बाद वह ट्रेन से आगरा पहुंचा था। उसने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी का मोबाइल अपने एक दोस्त को दे दिया था, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। इसके बाद पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को पकड़ने के लिए एसआईटी का गठन भी किया गया था।

गला रेतकर हत्या, घर में गैस छोड़कर रची थी धमाके की साजिश

गौरतलब है कि 30 सितंबर की सुबह रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर स्थित आवास में 72 वर्षीय रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल का खून से लथपथ शव मिला था। उनके गले पर धारदार हथियार से वार के गंभीर निशान थे। घर की अलमारियों के ताले टूटे हुए थे और नकदी, सोने-चांदी के जेवरात सहित कीमती सामान गायब था।

पुलिस जांच में सामने आया कि 29-30 सितंबर की रात केयरटेकर वरुण ने कथित तौर पर ब्लेड से गला रेतकर अग्रवाल की हत्या की थी। इसके बाद उसने घर में लूटपाट की और फरार हो गया।

वारदात को हादसे का रूप देने के लिए उसने घर में गैस रिसाव की साजिश भी रची थी। आरोपित ने किचन में गैस चूल्हे का रेगुलेटर खोल दिया और उस पर प्रेस चालू करके रख दी थी। उसकी मंशा गैस से आग या धमाका होने पर हत्या के सबूत मिटाने की थी।

गिरफ्तारी से खुलेंगे हत्या और लूट के कई राज

वारदात के बाद मिले सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को वरुण पर शक हुआ था। उसकी गिरफ्तारी के बाद अब हत्या की वजह, लूटे गए सामान की बरामदगी, मोबाइल फोन की भूमिका और गैस से घर उड़ाने की साजिश को लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ में हत्याकांड से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं।

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