राज्य ब्यूरो, जम्मू। जमीन से जुड़े मामलों में लंबे समय से इंतकाल (लैड म्यूटेशन) के सत्यापन का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। केंद्र शासित प्रदेश के राजस्व विभाग ने भूमि इंतकाल के सत्यापन की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से दोबारा शुरू करने का फैसला किया है। सरकार ने सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि उनके जिलों में लंबित पड़े इंतकाल के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए सात दिनों के भीतर उनका सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।
संबधित अधिकारियों ने बताया कि राजस्व विभाग ने इंतकाल की प्रक्रिया शुरु करने के संदर्भ में गत शुक्रवार 30 अक्टूबर को एक आदेश जारी करते हुए 10 अगस्त 2026 को जारी उस पुराने आदेश को वापस ले लिया है, जिसके तहत प्रस्तावित लाइव म्यूटेशन माड्यूल को लागू करने की तैयारी के मद्देनजर इंतकाल सत्यापन की प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोक दी गई थी।
उन्होंने बताया कि सभी जिला उपायुक्तों को भेजे गए ताजा निर्देश मे बताया गया है किडिजिटल लाइव म्यूटेशन माड्यूल में अभी भी तकनीकी और संचालन संबंधी समस्याएं सामने आ रही हैं। इन समस्याओं को दूर कर मॉड्यूल को पूरी तरह कार्यशील बनाने में अभी कुछ और समय लग सकता है।
डिजिटल व्यवस्था के पूरी तरह तैयार होने का इंतजार करते हुए पारंपरिक इंतकाल सत्यापन प्रक्रिया को लंबे समय तक रोकना आम जनता के हित में नहीं है। इस कारण जमीन से जुड़े नियमित राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे थे और लोगों को अपने मामलों के निपटारे के लिए परेशानी उठानी पड़ रही थी।
उन्होंने बताया कि भूमि इंतकाल न होने से आमजन परेशान था और संबधित प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थी। इसलिए सरकार ने पुराना आदेश वापस लेकर इंतकाल सत्यापन की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से बहाल करने का निर्णय लिया है।
सभी जिला उपायुक्तों को कहा गया है कि वे अपने-अपने जिलों में लंबित मामलों की समीक्षा करें और संबंधित राजस्व अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें।
सभी इंतकाल मामलों का सत्यापन निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार सात दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

