नीरज श्रीवास्तव, जागरण, महराजगंज। टीबी के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 5 वर्ष पूर्व 3233 रोगियों को चिह्नित कर उपचार शुरू कराया गया था। इस वर्ष एक जनवरी से 31 अक्टूबर 2026 तक यह आंकड़ा 4452 पहुंच गया। इस अवधि में रोगियों की पहचान में 1197 की वृद्धि दर्ज की गई है। बढ़ती संख्या ने क्षयरोग की रोकथाम और समय पर उपचार सुनिश्चित करने की चुनौती बढ़ा दी है।
क्षयरोग उन्मूलन के लिए जांच और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, फिर भी बड़ी संख्या में नए रोगियों की पहचान चिंता का विषय है। जागरूकता का अभाव, समय पर जांच न कराना और संक्रमण की अनदेखी इसके संभावित कारण हैं। विभाग का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ने से अधिक रोगी सामने आ रहे हैं। इस वर्ष चिह्नित 4452 रोगियों में से 2700 स्वस्थ हो चुके हैं।
5900 क्षयरोगियों को नहीं मिली पोषण प्रोत्साहन राशि
महराजगंज जिले में करीब 5900 क्षयरोगियों को लगभग 14 माह से पोषण प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पा रही है। निक्षय पोषण योजना के तहत सरकार उपचाराधीन रोगियों को पौष्टिक आहार के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता देती है।
जिला क्षयरोग अधिकारी डा. वीरेंद्र आर्या ने बताया कि 5 वर्ष पूर्व जिले में क्षयरोग जांच के लिए छह ट्रूनाट मशीनें थीं। अब सभी ब्लाकों के सीएचसी और सेंटरों पर 18 ट्रूनाट मशीनें हैं। छह स्थानों पर डिजिटल एक्सरे की सुविधा भी उपलब्ध है। विभाग के अनुसार, गांवों तक स्क्रीनिंग और जांच सुविधाएं पहुंचने से ऐसे रोगियों की भी पहचान हो रही है, जो पहले सामने नहीं आ पाते थे। चिह्नित रोगियों का निश्शुल्क उपचार किया जाता है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

