दिल्ली के स्कूलों में छात्रों-अभिभावकों को सिखाए जाएंगे प्रदूषण नियंत्रण के तरीके, शिक्षा निदेशालय ने दिया निर्देश

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सर्दियों में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने राजधानी के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को विंटर एक्शन प्लान 2026-27 लागू करने का निर्देश दिया है।

इसके तहत स्कूलों को धूल नियंत्रण, खुले में कचरा और बायोमास जलाने पर रोक, पटाखों के खिलाफ जागरूकता अभियान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां आयोजित करनी होंगी।

स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश
स्कूल प्रधानाचार्यों को हर माह के अंतिम दिन तक गूगल शीट के माध्यम से गतिविधियों की रिपोर्ट भी जमा करनी होगी। शिक्षा निदेशालय का यह निर्देश छह अक्टूबर को पर्यावरण विभाग की ओर से आयोजित बैठक के बाद जारी किया गया है।

बैठक में दिल्ली में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए विंटर एक्शन प्लान के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई थी। इसके बाद सभी स्कूल प्रधानाचार्यों को योजना के तहत आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

खुले में कचरा जलाने पर रोक
निर्देश के अनुसार स्कूल परिसरों के खुले क्षेत्रों में धूल कम करने के लिए पानी का छिड़काव करना होगा। निर्माण गतिविधियों से धूल फैलने से रोकने, परिसर में हरित क्षेत्र बढ़ाने और विद्यार्थियों व कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया है।

स्कूलों में रीसाइक्लिंग और पुरानी वस्तुओं के दोबारा इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ जरूरत नहीं होने पर लाइट बंद रखने व साफ हवा के लिए बेहतर वेंटिलेशन सिस्टम लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सर्दियों में खुले में कचरा और बायोमास जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए स्कूलों को सफाई, सुरक्षा और बागवानी जैसे कार्यों में लगे कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने को कहा गया है।

इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के पालन और पटाखों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

फरवरी तक अलग-अलग विषयों पर होंगे कार्यक्रम
विंटर एक्शन प्लान के तहत नवंबर में पटाखों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए प्रार्थना सभा में व्याख्यान, कक्षा में चर्चा और नारा लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।

नवंबर में वायु प्रदूषण पर पोस्टर, क्विज और पर्यावरण संरक्षण में विद्यार्थियों की भूमिका विषय पर निबंध प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। इसी माह सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल और जलवायु अनुकूल व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए भी गतिविधियां होंगी।

दिसंबर में धूल नियंत्रण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पानी के छिड़काव और पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। जनवरी 2027 में ध्वनि प्रदूषण पर पेंटिंग, पोस्टर और रोल-प्ले प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।

वहीं, फरवरी 2027 में स्वच्छ एवं हरित वातावरण को बढ़ावा देने के लिए प्रदूषण मुक्त स्कूल परिसर विषय पर रोल-प्ले सहित अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

पीटीएम में भी प्रदूषण नियंत्रण पर चर्चा
निदेशालय ने स्कूलों को अक्टूबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच होने वाली अभिभावक-शिक्षक बैठकों (पीटीएम) और स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की बैठकों में भी वायु प्रदूषण कम करने के उपायों पर चर्चा करने को कहा है।

 

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