मनचाही पोस्टिंग और तबादला रद करवाने पर हिमाचल सरकार सख्त, 14 डाक्टरों के आदेश वापस; ज्वाइन न करने पर होगा एक्शन

1577 Shares

 हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में मनचाही पोस्टिंग पाने और तबादला आदेश रुकवाने या कैंसिल (रद) करवाने के खेल पर सचिवालय ने कड़ा रुख अपनाया है। 14 मेडिकल आफिसरों के तबादले और कैंसिलेशन से जुड़े मामले स्वास्थ्य सचिवालय के कार्मिक (पर्सनल) और मानव संपदा विंग द्वारा 21 से 25 अगस्त के बीच तैयार की आंतरिक समीक्षा सूची का हिस्सा रहे हैं।

समीक्षा के बाद इन मामलों से जुड़े विवादित तबादलों और कैंसिलेशन आदेश वापस लेने का फैसला लिया है। साथ ही तबादला आदेश के बावजूद निर्धारित स्थान पर ज्वाइनिंग नहीं करने वाले डाक्टरों के खिलाफ चार्जशीट समेत विभागीय कार्रवाई की चेतावनी ने स्वास्थ्य महकमे में हलचल मचा दी है। डाक्टरों के ये तबादले अगस्त में किए थे।

तबादले के बावजूद नई जगह ज्वाइनिंग से बच रहे
सचिवालय स्तर पर हुई समीक्षा में यह सामने आया कि कुछ चिकित्सा अधिकारी तबादला आदेश जारी होने के बावजूद नए तैनाती स्थल पर कार्यभार संभालने से बच रहे हैं। कई मामलों में पुराने स्टेशन से रिलीविंग और नए स्थान पर ज्वाइनिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। इसके बाद तबादला आदेशों को रुकवाने या रद करवाने के प्रयास किए जाने की बात भी समीक्षा के दौरान सामने आई। आंतरिक फाइलों की स्क्रूटनी के दौरान कार्मिक और मानव संपदा विंग ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया।

शहरी और सुविधाजनक स्टेशन पर तैनाती के प्रयास

स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से यह शिकायत रही है कि कई डाक्टर शहरी और सुविधाजनक स्टेशन पर तैनाती के लिए प्रयास करते हैं, जबकि ग्रामीण और दूरदराज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में डाक्टरों की कमी बनी रहती है। तबादला होने के बाद भी फील्ड स्टेशन पर ज्वाइनिंग से बचने की प्रवृत्ति के कारण कई संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का मुद्दा सरकार के सामने आता रहा है।

सिफारिश के आधार पर नहीं बदलेगी पोस्टिंग

सचिवालय की इस कार्रवाई को अब विभाग में स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि जारी तबादला आदेशों का पालन करना होगा। केवल प्रभाव या सिफारिश के आधार पर पोस्टिंग बदलवाने अथवा आदेश रद करवाने के प्रयासों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

गंभीर मामलों में चार्जशीट की प्रक्रिया चलेगी

सूत्रों के अनुसार, समीक्षा के दौरान स्पष्ट किया गया है कि ज्वाइनिंग से बचने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा सकती है और गंभीर मामलों में चार्जशीट की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इससे उन डाक्टरों की चिंता बढ़ गई है, जो तबादला आदेश जारी होने के बाद भी नए तैनाती स्थल पर नहीं पहुंचे हैं। सरकार का जोर उन स्वास्थ्य संस्थानों में डाक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर है, जहां लंबे समय से पद खाली हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *