कालपी बार संघ के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की हत्या से सनसनी फैल गई है। गयादीन अहिरवार को केस की फाइल देने के बहाने बुलाया और फिर सफेद कार में अगवा कर लिया। बेटा स्कूटी से पीछे दौड़ा, लेकिन कार आंखों से ओझल हो गई। अगले दिन कानपुर में नहर में उनका शव मिला तो अपहरण और हत्या की खौफनाक कहानी का पर्दाफाश हुआ।
शनिवार31 अक्टूबर को वह मुकदमों की पैरवी के लिए उरई कोर्ट जाने की बात कहकर घर से निकले थे। दोपहर करीब 3:30 बजे उन्होंने फोन कर परिवार को बताया कि वह लौट रहे हैं। साथ ही बेटे से मुन्ना फुल पावर चौराहे से उन्हें स्कूटी पर लेने आने को कहा। उन्होंने बताया था कि एक मुवक्किल से दुर्गा मंदिर के पास केस की फाइल लेनी है।
बेटा हर्ष उन्हें लेने दुर्गा मंदिर चौराहे पहुंचा तो वहां बिना नंबर प्लेट की सफेद स्विफ्ट डिजायर कार खड़ी थी। हर्ष के मुताबिक, कार में पहले से तीन लोग मौजूद थे। इनमें से दो युवक नीचे उतरे और गयादीन से कहा, ‘चाचा, थोड़ा चाय-नाश्ता कर लीजिए, इसके बाद फाइल देते हैं।’ इसके बाद आरोपित उन्हें कार में बैठाकर आलमपुर चौराहे की तरफ हाईवे पर निकल गए।
हर्ष ने स्कूटी से कार का पीछा भी किया, लेकिन तेज रफ्तार के चलते वह आगे निकल गई। इसके बाद से गयादीन का कोई पता नहीं चला। मामले में कालपी पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर पूछताछ की। उनकी सूचना पर गुजैनी पुलिस ने गंभीरपुर के पास नहर से शव बरामद किया। मौके पर फॉरेंसिक टीम पहुंची। हत्या में इस्तेमाल किया गया जैक भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

