दुनिया के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आ रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अगर अमेरिका तेहरान की शर्तों को मान लेता है, तो ईरान महज दो दिनों के भीतर रणनीतिक रूप से बेहद अहम ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को दोबारा खोलने के लिए तैयार है।
अमेरिका के सामने ईरान की शर्तें क्या?
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, अपने बयान में विदेश मंत्री अराघची ने साफ किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और किसी भी शांति वार्ता को शुरू करने से पहले अमेरिका को तेहरान की मुख्य शर्तों को मानना होगा।
ऐसे में अब सवाल है कि आखिर ईरान ने अमेरिका के सामने कौन-कौन सी शर्तें रखी हैं? आइए जानते हैं।
प्रतिबंधों और फंड की वापसी- जुलाई में ‘इस्लामाबाद समझौते’ के टूटने के बाद अमेरिका की तरफ से लगाए गए प्रतिबंधों को हटाया जाए, कतर समेत अन्य जगहों पर जमे ईरान के सभी फंसे हुए पैसे को रिलीज किया जाए और तेल निर्यात छूट को फिर से बहाल किया जाए।
सैन्य कटौती- क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को कम किया जाए।
नया शिपिंग रूट- ओमान के साथ मिलकर तय किए गए नए होर्मुज शिपिंग रूट को आधिकारिक मान्यता दी जाए और बाकी सभी रास्तों को बंद किया जाए।
युद्धविराम- सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म हो, खासकर लेबनान पर इजराइल के हमले रुकें।
मोहसेन रजाई की कड़ी चेतावनी और जेडी वेंस का पत्र
बता दें कि इससे पहले ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रजाई ने साफ कर दिया था कि जब तक ईरान की सातों शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक जलडमरूमध्य बंद रहेगा। उन्होंने सुप्रीम लीडर के हवाले से चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने कोई सैन्य कार्रवाई की, तो ईरान अपने नए हथियारों से दुश्मनों को करारा जवाब देगा।
हालांकि, इसी बीच यह भी खबर सामने आई है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कतर के माध्यम से मोहसेन रजाई को एक पत्र भेजा है। रजाई ने इस संदेश को सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि अमेरिका के सुर अब पूरी तरह बदल गए हैं। इस पत्र में विशिष्ट शांति शर्तों के बजाय बातचीत का एक नया फ्रेमवर्क सुझाया गया है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी चर्चा शामिल है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख
दूसरी ओर, वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान बातचीत करना चाहता है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही है। एक तरफ जहां ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ समझौते पर बातचीत ठीक चल रही है।
वहीं दूसरी ओर उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका ईरान के बचे हुए परमाणु ठिकानों को महज 10 मिनट में तबाह कर सकता है। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या अमेरिका इस हफ्ते कोई नया हमला करेगा, तो उन्होंने इसे टालते हुए कहा कि ऐसे गोपनीय फैसलों की जानकारी पहले नहीं दी जाती।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

