अमेरिका के आसमान में नासा का अद्भुत विमान, पेंसिल जितना पतला है X-59 सुपरसोनिक जेट
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के बेहद पतले और नुकीले ‘X-59’ सुपरसोनिक प्रायोगिक विमान ने अपनी पहली उड़ान की पहली वर्षगांठ पर पूरे अमेरिका के ऊपर से उड़ान भरी। यह विमान कैलिफोर्निया से फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर की यात्रा पर निकला था।
एक साल में 12000 फीट से 56000 फीट तक का सफर
नासा एरोनॉटिक्स ने बताया कि 28 अक्टूबर 2025 को अपनी पहली उड़ान भरने के बाद से X-59 ने विमानन क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। पहली उड़ान में यह विमान केवल 12,000 फीट की ऊंचाई और 230 मील प्रति घंटे की गति तक पहुंचा था तथा 67 मिनट हवा में रहा था।
वहीं, ठीक एक साल बाद 28 अक्टूबर 2026 तक यह विमान 56,000 फीट की अधिकतम ऊंचाई और मैक 1.53 यानी ध्वनि की गति से डेढ़ गुना अधिक की रफ्तार हासिल कर चुका है। अब तक यह कुल 41 परीक्षण उड़ानें पूरी कर चुका है, जिसमें इसकी सबसे लंबी उड़ान 102 मिनट की रही है।
सोनिक बूम की आवाज कम करने वाली अनोखी बनावट
नासा का X-59 विमान 99.7 फीट लंबा और 29.5 फीट चौड़ा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी पेंसिल जैसी लंबी और संकरी नोज है, जो विमान की कुल लंबाई का लगभग एक-तिहाई हिस्सा घेरती है।
इस डिजाइन का मुख्य उद्देश्य ध्वनि की गति से तेज उड़ते समय पैदा होने वाली शॉक वेव्स को बिखरने से रोकना है, ताकि जमीन पर तेज सोनिक बूम सुनाई न दे।
इसके अलावा, इसका इंजन ऊपर की तरफ लगाया गया है ताकि आवाज ऊपर की ओर जाए और निचला हिस्सा पूरी तरह चिकना रखा गया है।
बिना सामने वाली खिड़की के उड़ता है यह विमान
इस विमान का कॉकपिट बीच में स्थित है और इसमें सामने देखने के लिए कोई पारंपरिक शीशा या खिड़की नहीं है। पायलट आगे का दृश्य देखने के लिए नासा के खास एक्सटर्नल विजन सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें हाई-रेजोल्यूशन कैमरे और स्क्रीन लगे हैं। यह विमान 55000 फीट की ऊंचाई पर मैक 1.4 की गति से उड़ने के लिए तैयार किया गया है।
नासा ने स्पष्ट किया है कि X-59 केवल एक प्रायोगिक विमान है, न कि कोई यात्री विमान, और इसमें कभी यात्री सफर नहीं करेंगे। यह नासा के क्वेस्ट मिशन का हिस्सा है।
आने वाले समय में इसका उपयोग विभिन्न अमेरिकी शहरों के ऊपर उड़ते हुए आवाज का स्तर और जमीन पर लोगों की प्रतिक्रिया जांचने के लिए किया जाएगा। इससे मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर भविष्य में जमीन के ऊपर व्यावसायिक सुपरसोनिक यात्री उड़ानों पर लगे प्रतिबंधों को हटाने में मदद मिल सकेगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

