कठुआ के कालीबाड़ी चौक पर तेज रफ्तार ट्रकों ने दो मेटाडोर और ऑटो को मारी टक्कर, 13 वर्षीय युवक की मौत और 6 घायल
जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित कालीबड़ी मुख्य चौक पर रविवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा पेश आया। तेज रफ्तार दो ट्रकों की चपेट में आने से दो मेटाडोर और एक ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इस दर्दनाक हादसे में छह लोग घायल हो गए, जबकि 13 वर्षीय एक मासूम बच्चे की मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जम्मू की तरफ से पठानकोट की ओर जा रहे दो ट्रक तेज रफ्तार में एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान एक ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी दो मेटाडोर और एक ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक मेटाडोर सड़क पर पलट गई, जबकि दूसरी उछलकर दूसरी तरफ लिंक रोड पर जा गिरी। ऑटो भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मेंटाडोर में सभी सवार घायल हो गए जिसमें मौके पर ही एक 13 वर्ष के बच्चे की मौत हो गई। गनीमत रही कि ऑटो में उस समय चालक के अलावा कोई सवारी मौजूद नहीं थी।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया। घायलों को उपचार के लिए जीएमसी कठुआ पहुंचाया गया।
जीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र रात्रा ने बताया कि हादसे में घायल छह लोगों को अस्पताल लाया गया है, जिनमें तीन महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है, जबकि एक बच्चे की मौत हो गई है।
हादसे में घायल लोगों की पहचान 65 वर्षीय जोगिंदर सिंह निवासी ठनून, 60 वर्षीय मुरीद दीन निवासी नगरोटा, 50 वर्षीय राजिंदर सिंह निवासी शिवनगर कठुआ, 42 वर्षीय राखी निवासी नगरी, 10 वर्षीय दिव्यम निवासी नगरी और 28 वर्षीय आदित्य निवासी बरवाल के रूप में हुई है। हादसे में 13 वर्षीय शिवम निवासी नगरी की जान चली गई।
फ्लाईओवर निर्माण में देरी और अव्यवस्थित पार्किंग पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने कालीबाड़ी चौक की यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि यह चौक लंबे समय से दुर्घटना संभावित क्षेत्र बना हुआ है। यहां फ्लाईओवर निर्माण का काम काफी समय से काम शुरू नही हो पाया है और अधर में लटका हुआ है, लेकिन इसे पूरा करवाने के लिए कोई ठोस कदम दिखाई नहीं दे रहा। इसके अलावा रात के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर मेटाडोर व अन्य यात्री वाहनों के बेतरतीब खड़े रहने से भी हादसों का खतरा बना रहता है।
लोगों ने बताया कि कठुआ से लखनपुर और जम्मू की ओर जाने वाली यात्री गाड़ियां कई बार राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही खड़ी रहती हैं। यात्रियों को मजबूरी में सड़क किनारे खड़े होकर वाहनों में बैठना पड़ता है। इससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों ने सवाल उठाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की पार्किंग और यात्री चढ़ाने-उतारने के लिए निर्धारित स्थान क्यों नहीं बनाया गया।
पहले भी हो चुके हैं कई हादसे, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और समाजसेवियों का कहना है कि कालीबाड़ी चौक पर यह कोई पहला हादसा नहीं है। आए दिन यहां छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय समाजसेवी मिरचंद ने कहा कि प्रशासन को क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी होने के बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था, पार्किंग और फ्लाईओवर निर्माण जैसे मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
लोगों ने कहा कि कालीबाड़ी चौक जिला सचिवालय और कई प्रमुख सरकारी कार्यालयों की ओर जाने वाला व्यस्त मार्ग है। इसके बावजूद यहां यातायात नियंत्रण, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। लोगों ने जीएमसी कठुआ की ओर जाने वाले मार्ग को भी दुर्घटना संभावित क्षेत्र बताते हुए वहां यातायात सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने की मांग की।
लोगों ने जिला प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और सरकार से फ्लाईओवर निर्माण कार्य जल्द पूरा करवाने, राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध पार्किंग रोकने, भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने, रात के समय पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने और यात्रियों के लिए अलग से सुरक्षित वाहन स्टॉप बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी इस तरह के हादसों का खतरा बना रहेगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

