जम्मू-कश्मीर में सत्तासीन नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने श्रीनगर लोकसभा सीट से निर्वाचित सांसद सैयद आगा रुहुल्ला के इस्तीफा दिए जाने की स्थिति में अपने वरिष्ठ नेता अब्दुल रहीम राथर को उपचुनाव लड़ा सकती है।
अब्दुल रहीम राथर वर्तमान में जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष हैं। उनके लोकसभा उपचुनाव लड़ने की स्थिति में गुरेज से निर्वाचित विधायक नजीर अहमद गुरेजी या फिर मुबारक गुल को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। गुल पहले भी अध्यक्ष रह चुके हैं।
दूसरी तरफ मंत्रिमंडल विस्तार में अवसर नहीं मिलने के कारण नेशनल कॉन्फ्रेंस के कई विधायक भी असंतुष्ट हैं, जिनमें मुबारक गुल व नजीर अहमद गुरेजी भी शामिल हैं। नेकां से जुड़े सूत्रों ने बताया कि आगा रुहुल्ला को मनाने की कोशिश हो रही है और अगर वह इस्तीफा देने पर डटे रहते हैं तो फिर श्रीनगर सीट पर उपचुनाव तय है।
कहा जा रहा है कि आगा रुहुल्ला ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बनाया है और उस स्थिति में पीडीपी और कांग्रेस व अन्य दल नेशनल कॉन्फ्रेंस के खिलाफ उन्हें प्रत्यक्ष या फिर परोक्ष समर्थन दे सकती हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस इस सीट को किसी भी तरह गंवाना नहीं चाहेगी, क्योंकि इस सीट पर उपचुनाव में हार कश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस को और कमजोर बनाएगी।
इसलिए नेशनल कॉन्फ्रेंस नेतृत्व किसी कद्दावर और मजबूत नेता जिसकी बड़गाम-श्रीनगर में निजी तौर पर अपनी मजबूत छवि हो, उतारना चाहेगी। अब्दुल रहीम राथर इस पैमाने पर खरे उतरते हैं। यदि उन्हें श्रीनगर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाने का फैसला किया जाता है, तो इसके लिए उनकी मौजूदा विधायी भूमिका में बदलाव करना पड़ सकता है।
ऐसी स्थिति में नेशनल कॉन्फ्रेंस मंत्री पद से वंचित रहे नाराज विधायकों में से किसी एक को अध्यक्ष बना सकती है और इसकी दौड में गुल व गृरेजी को आगे माना जाएगा। लगा सकती है नेकां

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

