राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 1 नवंबर रविवार को आईएनडीआईए गठबंधन द्वारा ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली का आयोजन किया गया। यह विरोध प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के मुद्दे पर आयोजित इस विशाल रैली में गठबंधन के कई प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया और केंद्र सरकार पर हमला बोला।
दोपहर 12 बजे तक मैदान आधा भर चुका था। कांग्रेस ने 10 लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई है। लेकिन ऐसा होता फिलहाल नजर नहीं आ रहा है। फिलहाल, चुनौती मैदान को भरने की रहेगी। मैदान में पानी होने के कारण भी कुछ जगह कार्यकर्ता बैठ नहीं पा रहे हैं। कुर्सियां खाली पड़ी हैं।
तेजस्वी यादव-‘लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए एकजुट हुए हैं’
आरजेडी नेता और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रैली के दौरान कहा कि आईएनडीआईए गठबंधन को आम जनता का पूरा समर्थन मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरीके से वोट की चोरी हो रही है और लोकतंत्र को कुचला जा रहा है, उसके खिलाफ सभी दल एक मंच पर आए हैं। तेजस्वी ने कहा, ‘हम सब देश को बचाने, अपने लोकतंत्र की रक्षा करने और अपने देश के संविधान को सुरक्षित रखने के लिए एकजुट हुए हैं।’
सलमान खुर्शीद- ‘प्रधानमंत्री कौन बनेगा, यह भारत की जनता तय करेगी’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने मतदाता सूची से नागरिकों के नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘हम नहीं चाहते कि एक भी भारतीय पीछे छूट जाए। हमारी शिकायत यह है कि साथी नागरिकों के नाम क्यों हटाए गए?’ उन्होंने आगे कहा कि देश का प्रधानमंत्री कौन बनेगा, यह भारत की जनता तय करती है और रैली में उमड़ी भीड़ से साफ है कि जनता देश के लिए क्या चाहती है।
सचिन पायलट- ‘दबाव के जरिए लोगों को चुप कराना चाहती है सरकार’
कांग्रेस नेता और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने सरकार पर विपक्षी आवाज़ों को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘सरकार दबाव के जरिए लोगों को चुप कराना चाहती है और उन्हें अपनी राय व्यक्त करने से रोकना चाहती है, लेकिन न तो राहुल गांधी और न ही हमारे कार्यकर्ता पीछे हटने वाले हैं।’ उन्होंने रैली में देश भर से लाखों लोगों के शामिल होने का दावा किया।
भूपिंदर सिंह हुड्डा- ‘ज्ञानेश्वर कुमार को जाना होगा’
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने रैली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि राहुल गांधी के आह्वान पर पूरा आईएनडीआईए गठबंधन एक साथ खड़ा है। उन्होंने ज्ञानेश्वर कुमार के इस्तीफे/हटाए जाने की मांग करते हुए कहा कि गठबंधन के तमाम शीर्ष नेता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं।
सुप्रिया सुले- ‘गठबंधन पूरी ताकत के साथ एकजुट’
एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने मतदाता सूची के एसआईआर में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि पूरा आईएनडीआईए गठबंधन इस लड़ाई में पूरी ताकत के साथ एकजुट है और जनता के अधिकारों के लिए मिलकर लड़ेगा।
इकरा हसन- ‘जनता का संस्थाओं पर से विश्वास उठ चुका है’
समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने कहा कि जब स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्थाओं के अस्तित्व को सुनियोजित तरीके से खत्म किया जाता है, तब जनता के पास सड़कों पर उतरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। उन्होंने कहा, ‘आज हम सत्ता में बैठे लोगों को दिखाएंगे कि यह मुद्दा केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के नागरिकों के मौलिक अधिकारों से जुड़ा है।’
सुरक्षा और यातायात के कड़े इंतजाम
रैली के मद्देनजर रामलीला मैदान के आसपास यातायात को सुचारू रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने कड़े इंतजाम किए। अतिरिक्त सीपी ट्रैफिक विजयंता गोयल आर्य ने बताया कि रामलीला मैदान के आसपास भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। हालांकि, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और अस्पतालों की ओर जाने वाले आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ते खुले रखे गए हैं ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो।
कार्यक्रम स्थल को 14 जोन में बांटा गया
दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘आईएनडीआईए’ गठबंधन की रैली में हजारों लोगों के जुटने की उम्मीद है। इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। भीड़ पर नजर रखने के लिए 4,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम स्थल को 14 जोन में बांटा गया है।
हर जोन के लिए अलग रैंक के अधिकारी
हर जोन की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रैंक के अधिकारी करेंगे, जबकि दो जोन की निगरानी अतिरिक्त उप पुलिस आयुक्त (डीसीपी) रैंक के अधिकारी करेंगे। शनिवार को पुलिस आयुक्त ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिंटो ब्रिज और रामलीला मैदान में सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। सुरक्षा योजना में ड्रोन से निगरानी, बॉडी-वर्न कैमरे (शरीर पर लगे कैमरे), दंगा-रोधी वाहन और एक खास कंट्रोल रूम शामिल हैं।
पुलिस को 50 हजार लोगों के आने का अनुमान
मिंटो ब्रिज से लेकर कार्यक्रम स्थल तक के रास्ते पर और कार्यक्रम स्थल के अंदर अलग-अलग जिलों के पुलिसकर्मियों के साथ-साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के जवानों को तैनात किया जाएगा। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होने वाली इस रैली में लगभग 50 हजार लोगों के आने की उम्मीद है।
मैदान में करीब 40 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था
हालांकि, पुलिस और आयोजकों का अनुमान है कि घेरों और रास्तों को देखते हुए, यहां 40 से 50 हजार लोगों के बैठने की पर्याप्त जगह है। ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने के लिए लगभग 150 अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि एलएनजेपी और जीबी पंत अस्पतालों तक एम्बुलेंस बिना किसी रुकावट के पहुंच सकें। दिल्ली में सीएपीएफ की 270 कंपनियों की तैनाती को 16 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

