एसआईआर और कथित वोट चोरी के विरोध में 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ‘वोट बचाओ-देश बचाओ जन मार्च और महारैली’ के लिए मध्यप्रदेश कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और विधानसभा प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में वे जिलेवार दिल्ली जाने वाले लोगों की संख्या के साथ परिवहन और आरक्षण की तैयारियों का हिसाब ले रहे हैं।
कांग्रेस ने मध्यप्रदेश से एक लाख लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
समीक्षा के दौरान पटवारी यह जानकारी ले रहे हैं कि किस जिले से कितनी बसें और चार पहिया वाहन बुक किए जा चुके हैं, रेलवे में कितने आरक्षण हुए हैं और दिल्ली जाने वाले लोगों की कितनी सूची तैयार हो गई है। पार्टी का जोर लक्ष्य के मुताबिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ यात्रा की व्यवस्था समय पर पूरी करने पर है।
ग्वालियर-चंबल के नेताओं को दो-दो हजार लोगों का लक्ष्य
ग्वालियर-चंबल संभाग के जिला अध्यक्षों, विधायकों, पूर्व विधायकों, विधानसभा प्रभारियों और जिला प्रभारियों को दो-दो हजार लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य दिया गया है।
प्रदेश के अन्य जिलों में पदाधिकारियों को एक-एक हजार लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। समीक्षा बैठकों में इन लक्ष्यों के मुकाबले अब तक हुई तैयारियों की जानकारी ली जा रही है।
दिल्ली रैली की तैयारियों के साथ पटवारी विधानसभा प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों की प्रगति का ब्योरा भी मांग रहे हैं। इसके लिए प्रभारियों से सवालों के जवाब मांगे गए हैं।
इनमें बूथ लेवल एजेंट-2 (बीएलए-2) के गठन में योगदान और उसके भौतिक सत्यापन की स्थिति, मंडलम के गठन और सत्यापन तथा वार्ड-पंचायत समितियों के गठन और उनके भौतिक सत्यापन से जुड़े सवाल शामिल हैं।
प्रभारियों से यह भी पूछा जा रहा है कि उन्होंने अपने प्रभार क्षेत्र का कितनी बार दौरा किया और हर महीने क्षेत्र में कितने दिन प्रवास किया। इन जानकारियों के जरिए विधानसभा स्तर पर संगठन के गठन, उसकी वास्तविक स्थिति और प्रभारियों की सक्रियता का आकलन किया जा रहा है
कांग्रेस की इन बैठकों में दो स्तर पर तैयारियों की समीक्षा हो रही है। एक तरफ दिल्ली रैली के लिए बस, निजी वाहन, रेल आरक्षण और यात्रियों की सूची की स्थिति देखी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ बूथ से लेकर मंडलम और वार्ड-पंचायत स्तर तक संगठनात्मक कामकाज की जानकारी जुटाई जा रही है।
इससे जिला और विधानसभा स्तर के पदाधिकारियों के सामने रैली के लक्ष्य के साथ संगठनात्मक जिम्मेदारियों की प्रगति का ब्योरा देने की भी चुनौती है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

