पूर्वी चंपारण में 200 साल पुराने घरों पर खाली करने का नोटिस
पूर्वी चंपारण में 200 साल पुराने घरों पर खाली करने का नोटिस, PM आवास का लाभ लेने वालों में बेचैनी
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के कचुरबारी इलाके में लंबे समय से रह रहे परिवारों के सामने घर खाली करने का नोटिस मिलने के बाद चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यहां कई परिवार करीब 200 वर्षों से रह रहे हैं। इनमें से कुछ परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी मिल चुका है।
नोटिस मिलने के बाद प्रभावित परिवारों के बीच अपने घर और जमीन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से इस इलाके में रह रहे हैं और यहीं उनके परिवारों की कई पीढ़ियां बसी हैं। ऐसे में घर खाली करने के निर्देश ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
कचुरबारी में रहने वाले लोगों के मुताबिक, कुछ परिवारों ने सरकारी योजना के तहत मिले लाभ का इस्तेमाल अपने घरों के निर्माण या सुधार में किया है। अब घर खाली करने का नोटिस मिलने से ऐसे परिवारों के सामने भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय स्तर पर लोग इस मामले में प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने और प्रभावित परिवारों की समस्या का समाधान करने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि लंबे समय से बसे परिवारों और सरकारी आवास योजना के लाभार्थियों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए।
फिलहाल घर खाली करने के नोटिस के बाद कचुरबारी में लोगों के बीच बेचैनी का माहौल है। प्रभावित परिवार प्रशासन के अगले कदम और मामले के समाधान का इंतजार कर रहे हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

