हरियाणा की सड़कों पर हादसों का सिलसिला जारी, 9 महीने में 12 हादसे; आखिर कब सुधरेगी सड़क सुरक्षा व्यवस्था?
हरियाणा में सड़क हादसों को लेकर चिंता लगातार बनी हुई है। तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा इंतजामों की कमी सड़क सुरक्षा के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। सड़कों पर होने वाले हादसे कई परिवारों को प्रभावित कर रहे हैं और व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।
हालांकि, आपके दिए शीर्षक में नौ महीने के दौरान 12 हादसों का जिक्र है, लेकिन इन घटनाओं का स्थान और आंकड़ों का स्रोत स्पष्ट नहीं है। राज्य के व्यापक आंकड़े भी सड़क सुरक्षा की गंभीर स्थिति की ओर इशारा करते हैं।
हरियाणा में सड़क हादसों के आंकड़े बढ़ा रहे चिंता
हरियाणा में जनवरी से जुलाई 2026 के बीच राज्य के राजमार्गों और जिला सड़कों पर 3,821 सड़क हादसे दर्ज किए गए, जिनमें 1,841 लोगों की मौत हुई और 3,109 लोग घायल हुए। यानी इन सात महीनों में औसतन हर दिन करीब 18 हादसे हुए।
वहीं, 2025 में हरियाणा में 6,480 सड़क हादसों में 3,059 लोगों की जान गई थी। ये आंकड़े बताते हैं कि सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाना कितना जरूरी है।
हादसों की वजहों पर ध्यान देना जरूरी
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तेज रफ्तार पर नियंत्रण, यातायात नियमों का पालन, वाहन चालकों की सतर्कता और दुर्घटना संभावित स्थानों पर बेहतर सुरक्षा व्यवस्था अहम हैं। सड़कों पर संकेतक, डिवाइडर, रोशनी और समय पर मरम्मत भी दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।
ब्लैक स्पॉट सुधारना बड़ी चुनौती
हरियाणा में वर्ष 2023 से 2025 के दौरान 454 दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान की गई थी, लेकिन उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार इनमें से केवल 71 स्थानों को दुरुस्त किया गया था। शेष स्थानों पर सुधार की प्रक्रिया लंबित थी या उनकी जांच की जा रही थी।
यह स्थिति बताती है कि सिर्फ हादसों के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान के साथ समयबद्ध सुधार भी जरूरी है।
आखिर कब थमेगा हादसों का सिलसिला?
सड़क हादसों में कमी लाने के लिए प्रशासन, यातायात पुलिस, सड़क निर्माण एजेंसियों और वाहन चालकों को मिलकर काम करना होगा। नियमों का सख्ती से पालन, खतरनाक स्थानों का सुधार और आपातकालीन सहायता की बेहतर व्यवस्था इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

