मथुरा 2027 चुनाव में सियासी परिवारों के वारिसों की एंट्री? गठबंधन से उलझा सीटों का गणित
मथुरा में 2027 चुनाव की सरगर्मी तेज, सियासी परिवारों के वारिसों पर नजर; गठबंधन से उलझा सीटों का समीकरण
मथुरा में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। जिले की पांच विधानसभा सीटों पर इस बार कई पुराने राजनीतिक परिवारों के उत्तराधिकारियों के चुनावी मैदान में उतरने की चर्चा है। दूसरी ओर भाजपा और रालोद के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं हुई है, जिससे संभावित उम्मीदवारों की दावेदारी का गणित भी प्रभावित हो सकता है।
छाता विधानसभा सीट पर भाजपा विधायक और मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण की ओर से चुनाव लड़ने की बात कही गई है। हालांकि, उनके परिवार के सदस्यों के चुनावी राजनीति में सक्रिय होने की चर्चाएं भी चल रही हैं। वहीं पूर्व मंत्री ठाकुर तेजपाल सिंह रालोद से दावेदारी जता रहे हैं। उनके बेटे अतुल सिसौदिया के भी संभावित दावेदार के तौर पर चर्चा में आने की बात सामने आई है।
बलदेव सीट पर भाजपा विधायक पूरन प्रकाश के बेटे पंकज प्रकाश की राजनीतिक सक्रियता बढ़ी है। वह विधायक प्रतिनिधि के तौर पर क्षेत्र में कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। उनकी सक्रियता को आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
गोवर्धन विधानसभा सीट पर भी राजनीतिक परिवारों की अगली पीढ़ी को लेकर चर्चा है। अवागढ़ राजपरिवार से जुड़े कुंवर नरेंद्र सिंह रालोद की ओर से दावेदारी कर रहे हैं। वहीं भाजपा नेता और पूर्व सांसद कुंवर मानवेंद्र सिंह अपने बेटे ऋषिराज सिंह की दावेदारी की बात कह चुके हैं।
मथुरा की सियासत में गठबंधन का सीट बंटवारा भी अहम मुद्दा बना हुआ है। भाजपा-रालोद के बीच किन सीटों पर किस दल का प्रत्याशी उतरेगा, यह अभी तय नहीं है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रालोद की ओर से अधिक सीटों की मांग की खबरें भी सामने आई हैं।
इसी बीच समाजवादी पार्टी ने भी मथुरा में संगठन को सक्रिय करना शुरू कर दिया है। सितंबर 2026 में अखिलेश यादव ने दिनेश सिंह गुर्जर को मथुरा का प्रभारी बनाया। इससे साफ है कि 2027 चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल क्षेत्र में अपनी संगठनात्मक तैयारियां बढ़ा रहे हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

