आयुष्मान भारत योजना से 8 साल में जुड़े 60 करोड़ लाभार्थी, इलाज पर खर्च हुए 2 लाख करोड़ रुपये
Ayushman Bharat Yojana: आयुष्मान भारत योजना ने अपने आठ साल के सफर में बड़ी संख्या में लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा है। योजना के तहत अब तक करीब 60 करोड़ लाभार्थियों के जुड़ने की जानकारी सामने आई है। वहीं, इलाज पर लगभग 2 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य लोगों को इलाज के खर्च से आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना और जरूरतमंद परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में विभिन्न बीमारियों के इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
आठ वर्षों के दौरान योजना से जुड़े लाभार्थियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही योजना के तहत अस्पतालों में कराए गए इलाज और उस पर होने वाले खर्च का दायरा भी बढ़ा है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज उपलब्ध कराया गया है। इस दौरान इलाज पर करीब 2 लाख करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आई है।
आयुष्मान भारत के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के नेटवर्क के जरिए पात्र लोगों को उपचार की सुविधा दी जाती है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को महंगे इलाज के खर्च से राहत देना है।
आयुष्मान भारत योजना के आठ साल पूरे होने के साथ सरकार की ओर से इसके तहत हुए विस्तार और लाभार्थियों तक पहुंच से जुड़े आंकड़े भी सामने रखे गए हैं। योजना के भविष्य में और अधिक लोगों तक पहुंच बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

