दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ (डूसू/DUSU) चुनाव 18 सितंबर को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए थे। इसके बाद शनिवार को वोटों की गिनती के दौरान दिनभर उतार-चढ़ाव देखने को मिला और अंततः अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने फिर अपना झंडा गाड़ दिया।
90 मिनट की देरी से शुरू हुई वोटों की गिनती
शनिवार सुबह डीयू के खेल स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में मतगणना की शुरुआत तय समय से करीब 90 मिनट की देरी से हुई। अधिकारियों की मौजूदगी और वीडियोग्राफी के बीच वोटों की गिनती का दौर शुरू होते ही परिसर में गहमागहमी बढ़ गई।
शुरुआती राउंड से 22वें राउंड तक पल-पल बदलता रहा गणित
दिनभर चली करीब 22 राउंड की मतगणना के दौरान उम्मीदवारों के बीच का अंतर बेहद कम रहा और कांटे की टक्कर देखने को मिली।
अध्यक्ष पद पर कांटे की टक्कर
शुरुआती राउंड्स (10वें से 13वें राउंड) में एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा लगातार बढ़त बनाए हुए थे। हालांकि, 15वें और 16वें राउंड में एबीवीपी के यश डबास ने वापसी करते हुए मामूली बढ़त हासिल की और अंत तक पकड़ मजबूत रखते हुए जीत दर्ज की।
संयुक्त सचिव पद पर त्रिकोणीय मुकाबला
संयुक्त सचिव पद पर भी रोमांच चरम पर रहा। कभी एनएसयूआई के गोपाल चौधरी तो कभी एससीएस के विशेष यादव आगे निकले लेकिन अंतिम राउंड्स में एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह ने बढ़त बनाकर बाजी मार ली।
सचिव पद पर ABVP का दबदबा
सचिव पद पर एबीवीपी की रिया छाबड़ी ने शुरुआती चरणों से ही बढ़त बनाए रखी और एनएसयूआई की नम्रता चौधरी को पछाड़कर जीत हासिल करने में कामयाब रहीं।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय का जलवा
उपाध्यक्ष पद का परिणाम सभी को चौंकाने वाला रहा, जहां एनएसयूआई के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन पहले राउंड से ही एकतरफा बढ़त बनाए रहे और शानदार जीत दर्ज की।
विजेताओं की सूची
- अध्यक्ष: यश डबास (ABVP)
- उपाध्यक्ष: दीपांशु शौकीन (निर्दलीय)
- सचिव: रिया छाबड़ी (ABVP)
- संयुक्त सचिव: लक्ष्य राज सिंह (ABVP)
कैंपस में जश्न का माहौल
परिणाम घोषित होते ही विश्वविद्यालय परिसर में ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज कर एबीवीपी ने छात्र राजनीति में अपनी साख को एक बार फिर मजबूत किया है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

