सात साल पहले महज तीन हजार रुपये के लिए संदीप नमक युवक की हत्या करने के मामले में जिला अदालत ने एक नाबालिग दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
वारदात के समय दोषी की उम्र 17 वर्ष थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे कानूनन बालिग मानकर मुकदमा चलाया गया, क्योंकि हत्या और दुष्कर्म जैसे मामलों में 18 के बजाय 16 साल से कम उम्र के आरोपितों को नाबालिग माना जाता है।
इसी दौरान उसने वहां करीब 25 से 30 वर्ष की उम्र के एक युवक को बेसुध हालत में पड़ा देखा। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। उसने फौरन पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर जाकर जांच शुरू की। अज्ञात हमलावरों ने डंडों और धारदार हथियारों से उस युवक पर हमला किया था और सेक्टर 25 में उसे फेंक कर फरार हो गए थे।
पुलिस ने उसे सेक्टर-16 के अस्पताल पहुंचाया, जहां डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। जांच के दौरान मृतक की पहचान संदीप के रूप में हुई थी।
तीन हजार रुपये के लिए हुआ था विवाद
पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए तीन को गिरफ्तार कर लिया जिनमें एक नाबालिग भी था। उन्होंने पूछताछ में हत्या की वारदात को कबूल कर लिया था। उन्होंने बताया कि संदीप ने उनसे तीन हजार लेने थे। इसलिए वह उनसे झगड़ा कर रहा था। विवाद जब ज्यादा बढ़ गया तो दोषियों ने उसकी हत्या कर दी थी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

