केरल हाई कोर्ट ने त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) को मंडलाकला-मकरविलक्कू तीर्थयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा, भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता संबंधी उपायों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। मंडला-मकरविलक्कू सबरीमाला मंदिर में आयोजित वार्षिक तीर्थयात्रा उत्सव है।
जस्टिस राजा विजयराघवन वी. और जस्टिस केवी जयकुमार की पीठ ने तीर्थयात्रा के दौरान प्रभावी और सुचारू भीड़ प्रबंधन के लिए टीडीबी द्वारा किए गए उपायों की समीक्षा के बाद ये निर्देश जारी किए।
टीडीबी ने अदालत को क्या बताया?
टीडीबी ने अदालत को बताया कि मौजूदा ‘पुलिस बंदोबस्त योजना’ को संशोधित करने और भीड़ प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विशेषज्ञों के साथ बैठक की गई थी और एकीकृत, व्यापक, समन्वित एआइ-सक्षम ‘तीर्थयात्री प्रबंधन प्रोटोकाल’ लागू करने का निर्णय लिया गया है।
टीडीबी द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए पीठ ने उसे यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि प्रस्तावित उपाय 15 नवंबर को तीर्थयात्रा शुरू होने से पहले लागू किए जाएं। अदालत ने ये निर्देश स्वत: संज्ञान लेकर दायर की गई याचिका पर दिए, जिसका उद्देश्य पहले से समन्वित योजना सुनिश्चित करना है ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुचारू रूप से तीर्थयात्रा कर सकें।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

