बिहार में पानी भरे तालाब में कैसे हो रही खुदाई? ‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना पर शिवराज सख्त

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बिहार के जमुई जिले में ‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना के तहत पानी से भरे तालाबों में खुदाई के काम दर्ज होने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ स्थानों पर मौके पर तालाबों में पानी भरा मिला, जबकि सरकारी रिकॉर्ड और एनएमएमएस ऐप में वहां मजदूरों के काम करने की जानकारी दर्ज थी।

मामला सामने आने के बाद केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों की तकनीकी जांच कराने और यदि अनियमितता की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

तालाब में पानी, रिकॉर्ड में दर्ज थी खुदाई

जमुई के झाझा प्रखंड की धमना पंचायत के दिघरा गांव में एक तालाब के निरीक्षण के दौरान मौके पर पानी भरा मिला। रिपोर्ट के अनुसार, एनएमएमएस रिकॉर्ड में उस दिन 58 मजदूरों के काम करने की जानकारी दर्ज थी, लेकिन स्थल पर कोई मजदूर नहीं मिला। तालाब में करीब पांच फीट तक पानी होने की बात भी सामने आई।

रिपोर्ट में खैरा प्रखंड की कुछ अन्य पंचायतों में भी इसी तरह की स्थिति सामने आने का दावा किया गया है। हालांकि, इन मामलों में वास्तविक जिम्मेदारी और भुगतान संबंधी अनियमितताओं की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

शिवराज सिंह चौहान ने दिए जांच के निर्देश

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यदि किसी तालाब में पानी भरा हुआ है और फिर भी वहां मजदूरों से खुदाई का काम दिखाया जा रहा है, तो यह जांच का विषय है। उन्होंने योजना के तहत चल रहे कार्यों की रैंडम जांच कराने और फर्जीवाड़े पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों को तकनीक के जरिए निगरानी मजबूत करने, फर्जी मस्टर रोल पर रोक लगाने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि योजना का लाभ वास्तविक श्रमिकों तक पहुंचे।

शुरुआती दौर में ही निगरानी पर जोर

रिपोर्टों के मुताबिक, ‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना को ग्रामीण रोजगार और परिसंपत्ति निर्माण से जोड़कर लागू किया गया है। ऐसे में शुरुआती चरण में सामने आने वाली शिकायतों और संभावित अनियमितताओं की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जमुई में सामने आए मामले के बाद अब संबंधित योजनाओं की जमीनी स्थिति, रिकॉर्ड में दर्ज मजदूरों की उपस्थिति और किए गए भुगतान की जांच से यह स्पष्ट होगा कि कहीं रिकॉर्ड और वास्तविक काम में अंतर तो नहीं है।

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