जमुई: बिहार के जमुई जिले में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहां एक स्कूल में बच्चों की कक्षाएं ऐसी छत पर संचालित हो रही हैं, जहां सुरक्षा के लिए रेलिंग तक नहीं है। स्कूल में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के मुकाबले शिक्षकों की संख्या भी बेहद कम बताई जा रही है।
बिना रेलिंग वाली छत पर पढ़ाई
स्कूल की छत पर विद्यार्थियों की कक्षा संचालित होने की जानकारी सामने आई है। छत पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। खासकर कक्षा संचालन के दौरान किसी तरह की लापरवाही या असावधानी होने पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
663 विद्यार्थियों पर सिर्फ सात शिक्षक
स्कूल में कुल 663 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि उन्हें पढ़ाने के लिए महज सात शिक्षक उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की कमी का सीधा असर पढ़ाई और कक्षा प्रबंधन पर पड़ने की बात सामने आ रही है।
बुनियादी सुविधाओं पर भी सवाल
मामला केवल शिक्षकों की कमी तक सीमित नहीं है। बिना रेलिंग वाली छत पर कक्षाएं संचालित होने से स्कूल की बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। बच्चों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना स्कूल प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।
व्यवस्था सुधारने की जरूरत
बड़ी संख्या में विद्यार्थियों वाले स्कूल में पर्याप्त शिक्षक और सुरक्षित कक्षा व्यवस्था जरूरी है। जमुई के इस स्कूल की स्थिति सामने आने के बाद अब संबंधित विभाग से सुरक्षा इंतजाम और शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाने की उम्मीद है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

