शाहजहांपुर के निजी अस्पतालों में सर्जिकल सामान के दाम पर सवाल, दस्ताने और यूरिन बैग की कीमतों में बड़ा अंतर
शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में निजी अस्पतालों के मेडिकल स्टोर्स पर सर्जिकल उत्पादों और दवाओं की कीमतों को लेकर सवाल उठे हैं। एक स्थानीय रिपोर्ट में बाजार और अस्पताल परिसर के मेडिकल स्टोर्स पर उपलब्ध कुछ सामान की कीमतों की तुलना की गई, जिसमें कई उत्पादों के दामों में कई गुना अंतर सामने आया।
20 रुपये के दस्ताने 150 रुपये तक
रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार में एक जोड़ी सर्जिकल ग्लव्ज करीब 20 से 25 रुपये में उपलब्ध होने की बात सामने आई, जबकि कुछ निजी अस्पतालों के मेडिकल स्टोर्स पर इनके लिए 100 से 150 रुपये तक लिए जाने की जानकारी मिली।
इसी तरह यूरिन बैग की कीमत को लेकर भी बड़ा अंतर सामने आया। एक सर्जिकल उत्पाद विक्रेता ने अच्छी गुणवत्ता वाले यूरिन बैग की कीमत करीब 80 रुपये बताई, जबकि अलग-अलग अस्पतालों के मेडिकल स्टोर्स पर इसके लिए 100, 340 और 600 रुपये तक लिए जाने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है।
ग्लूकोज की बोतल और दवाओं के दाम में भी अंतर
रिपोर्ट में ग्लूकोज की बोतल की कीमतों में भी अंतर का उल्लेख है। बाजार में इसकी कीमत करीब 25 रुपये बताई गई, जबकि कुछ अस्पतालों में 70 से 94 रुपये तक लिए जाने की जानकारी सामने आई। एक तीमारदार ने एक अस्पताल के मेडिकल स्टोर से चार दिन की दवा 240 रुपये में खरीदने की बात कही, जबकि वही दवा बाहर 150 रुपये में मिलने का दावा किया गया।
अस्पताल संचालकों ने दिए अलग-अलग जवाब
कीमतों में अंतर को लेकर अस्पताल संचालकों और चिकित्सकों से भी प्रतिक्रिया ली गई। आईएमए की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष डॉ. राकेश मेहरोत्रा ने कहा कि अलग कीमत लिए जाने की संभावना हो सकती है, लेकिन निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली नहीं होनी चाहिए। कुछ अस्पताल संचालकों ने कहा कि उनके परिसर में मेडिकल स्टोर उनके प्रत्यक्ष संचालन में नहीं हैं या उत्पादों पर कंपनियों की ओर से अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य के अनुसार बिक्री होती है। एक अन्य चिकित्सक ने मरीजों को जरूरत के अनुसार छूट दिए जाने की बात कही।
बिल नहीं मिलने की शिकायत भी सामने आई
रिपोर्ट में कुछ तीमारदारों ने बिल नहीं दिए जाने और अस्पताल के मेडिकल स्टोर से निर्धारित कीमत पर सामान खरीदने की मजबूरी की शिकायत भी की। हालांकि, इन शिकायतों और कीमतों से जुड़े मामलों पर संबंधित विभाग की ओर से कोई अंतिम निष्कर्ष सामने आने की जानकारी रिपोर्ट में नहीं है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

