गुलजार सिंह आत्महत्या मामला: हाई कोर्ट ने नहीं जारी किया नोटिस, सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
पंजाब में नशे के गंभीर मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाने और उसके बाद मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाने वाले दलित व्यक्ति गुलजार सिंह की आत्महत्या के बहुचर्चित मामले में हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने इस संवेदनशील मामले की सुनवाई करते हुए फिलहाल किसी भी पक्ष को औपचारिक नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया है।
याचिकाकर्ता के दावों पर उठे सवाल
अदालत ने सख्त लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल किसी बैठक या कार्यक्रम में मौजूद रहने भर से किसी व्यक्ति को आत्महत्या जैसे गंभीर अपराध में सीधा आरोपी कैसे बनाया जा सकता है। अदालत का मानना था कि जब तक किसी व्यक्ति की प्रत्यक्ष संलिप्तता या उकसावे के पुख्ता प्रमाण न हों, तब तक किसी को सीधे कटघरे में खड़ा नहीं किया जा सकता।
जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश
हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और संबंधित प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे अब तक हुई जांच की विस्तृत रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें। अदालत का यह आदेश इस बात का संकेत देता है कि वह बिना किसी ठोस सबूत या कानूनी आधार के जल्दबाजी में कोई सख्त कदम उठाने के पक्ष में नहीं है। स्टेटस रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे प्रकरण की भावी दिशा और कानूनी कार्रवाई तय होगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

