तमिलनाडु: मीसा पर विजय की टिप्पणी से गरमाई सियासत, स्टालिन बोले- ‘वाकई मेरा जबड़ा टूटा था’
तमिलनाडु की सियासत में इन दिनों करीब 50 साल पुराना एक मामला फिर चर्चा में है। विधानसभा में मीसा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के जबड़े पर हाथ से इशारा करने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन के आपातकाल के दिनों के अनुभव तक पहुंच गया है।
स्टालिन ने विजय की टिप्पणी और विधानसभा में किए गए इशारे पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए आपातकाल के दौरान जेल में अपने साथ हुए कथित दुर्व्यवहार और पिटाई को याद किया।
उन्होंने कहा कि उस दौरान उन्हें बुरी तरह पीटा गया था और जबड़े में चोट लगी थी।टीवीके ने मांगा गिरफ्तारी का सबूतस्टालिन के बयान के बाद सत्ताधारी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) ने उनके दावे पर सवाल उठाए।
पार्टी की आइटी विंग ने मीसा के तहत स्टालिन की गिरफ्तारी और हिरासत से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज या अन्य सबूत सार्वजनिक करने की मांग की। टीवीके ने स्टालिन के वीडियो संदेश को उनकी राजनीतिक छवि बचाने की कोशिश बताया।
पार्टी ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या जेल में ‘बलिदान’ देने की उनकी छवि अब टूट रही है। टीवीके का कहना है कि स्टालिन के दावे की पुष्टि के लिए आधिकारिक रिकार्ड सामने आना चाहिए।
विवाद की शुरुआत सात सितंबर को तमिलनाडु विधानसभा में हुई। भाषण के दौरान विजय ने मीसा का जिक्र करते हुए हाथ से जबड़े की ओर इशारा किया। इस पर द्रमुक ने कड़ी आपत्ति जताई और सदन में हंगामा हुआ। विजय के इस इशारे की सहयोगियों और विरोधियों, दोनों की ओर से आलोचना हुई।
इसके अगले दिन, आठ सितंबर को विजय ने सफाई देते हुए कहा कि उनका इशारा अनजाने में हुआ था और उसका कोई गलत अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।
हालांकि, मामला यहीं नहीं थमा और अब स्टालिन के आपातकाल के दौरान मीसा के तहत जेल जाने तथा वहां उनके साथ हुई कथित मारपीट को लेकर दोनों दल आमने-सामने हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

