सिंगरौली। गुरुवार को एनसीएल की अमलोरी परियोजना स्थित एचएमएस (HMS) कार्यालय में 28 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में पंखे से लटकती लाश मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। इस घटना ने न केवल परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि ट्रेड यूनियन और आवास आवंटन प्रणाली को लेकर भी कई गंभीर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
घटना के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है, लेकिन शुरुआती जानकारी और स्थानीय सूत्रों के दावों ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि जिस एचएमएस कार्यालय परिसर में युवती का शव मिला, वहां एक “सक्सेना” नामक व्यक्ति अपने परिवार सहित निवास कर रहा है। सूत्रों का दावा है कि उक्त व्यक्ति वर्ष 2019 में एनसीएल से सेवानिवृत्त हो चुका है और वर्तमान में दिल्ली गया हुआ है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि उक्त आवास एचएमएस ट्रेड यूनियन कार्यालय के नाम पर आवंटित है, तो उसमें एक रिटायर्ड व्यक्ति अपने परिवार के साथ कैसे रह रहा है? क्या यूनियन के प्रभाव में नियमों को ताक पर रखकर आवासों का उपयोग किया जा रहा है?

यूनियन कार्यालय या निजी आवास?
स्थानीय लोगों और सूत्रों का कहना है कि अमलोरी परियोजना में एचएमएस कार्यालय के नाम पर माइनस क्वार्टर क्षेत्र में भी एक अन्य आवास आवंटित है, जहां कथित तौर पर एक यूनियन नेता की बेटी और दामाद निवासरत हैं। यदि यह दावा सही है, तो यह सीधे तौर पर आवास आवंटन नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करता है।
इतना ही नहीं, आरोप यह भी है कि एक अन्य ट्रेड यूनियन के नाम पर भी अलग से कमरा आवंटित कराया गया है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या प्रबंधन बिना जांच-पड़ताल के आंख मूंदकर आवास आवंटित कर रहा है या फिर सब कुछ जानकारी में होने के बावजूद अनदेखा किया जा रहा है? आखिर क्यों प्रबंधन द्वारा HMS कार्यालय के नाम पर अलग अलग आवास आवंटन किया गया है?

सूत्र यह भी बता रहे हैं कि जिस आवास परिसर में घटना हुई, उसके बगल में अलग से निर्माण कार्य कराया गया है, जिसे भी कथित तौर पर किराए पर चढ़ाया गया है। वहां नई भर्ती का एक युवक के रहने की बात भी सामने आ रही है। अब पुलिस इस पूरे एंगल की भी जांच कर रही है कि आखिर उस परिसर में कौन-कौन लोग रहते थे और युवती के साथ क्या हुआ?
मौत या साजिश? जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल पुलिस युवती की मौत को लेकर हर पहलू से जांच कर रही है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मामला आत्महत्या का है, कुछ और है? या फिर इसके पीछे कोई और वजह है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

घटना के बाद परियोजना क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि ट्रेड यूनियन कार्यालयों और आवासों का उपयोग निजी तौर पर किया जा रहा था, तो आखिर इसकी निगरानी कौन कर रहा था? अब पूरे मामले में लोगों की नजर पुलिस जांच और एनसीएल प्रबंधन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।


