जनपद में अभी भी गंगा-यमुना में बाढ़ की संभावित आशंका से नदी तटीय इलाकों के मुहल्लों और गांवों में दहशत का माहौल है। दोनों नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कभी जलस्तर बढ़ने लगता है तो कभी घट जाता है। गुरुवार की सुबह तक जलस्तर बढ़ रहा था। इसके बाद यमुना में पानी घटने लगा। फाफामऊ में यमुना घटी हैं, जबकि छतनाग में मामूली बढ़ोतरी हुई।
गंगा-यमुना में जलस्तर कभी घटता है तो कभी बढ़ जाता है। बुधवार की रात तक गंगा और यमुना दोनों में पानी बढ़ रहा था। रात आठ बजे तक यमुना 81.60 मीटर पर आ गई थी। फाफामऊ में गंगा 81.79 और छतनाग में 81.10 मीटर पर बह रही थी। शुक्रवार की रात आठ बजे यमुना का जलस्तर 81.55 पर आ गया। वहीं गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 81.95 तो छतनाग में 81.10 मीटर पर बह रहीं हैं। यही नहीं गुरुवार को पूरे दिन जलस्तर में उतार-चढ़ाव चलता रहा।
बाढ़ का पानी दोबारा बढ़ने से झूंसी-गारापुर मार्ग बदरा गांव के पास पुलिया फिर डूब गई। इसी पानी से लोगों का आवागमन हो रहा है। मंगलवार की सुबह ही पुलिया से पानी हटा था और आवागमन सामान्य हुआ था। एक बार फिर यह समस्या खड़ी हो गई है। बदरा, सोनौटी, ढोलबजवा, इब्राहिमपुर, बहादुरपुर कछार सहित कई गांवों के लोगों दिक्कत झेलनी पड़ रही है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

