सिकंदराबाद छावनी स्थित मद्रास रेजिमेंट की शस्त्रागार में हुई सनसनीखेज हथियारों की चोरी के मामले में 11 दिन बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है।
जांच एजेंसियों इस नतीजे पर पहुंची हैं कि यह पूरी वारदात किसी अंदरूनी शख्स का ही काम थी। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि चोरी हुए ज्यादातर हथियारों का पता लगा लिया गया है और उन्हें ट्रेस कर लिया गया है।
जांच में क्या-क्या खुलासा?
बता दें कि शुरुआत से ही पुलिस को यह शक था कि इस चोरी के पीछे अंदरूनी लोग या संतरी (डिफेंस गार्ड) ड्यूटी पर तैनात कोई शख्स शामिल हो सकता है। हालांकि, जांचकर्ताओं के सामने अब भी यह सवाल बना हुआ था कि इस साजिश में कुल कितने लोग शामिल थे और हथियारों को शस्त्रागार से बाहर कैसे ले जाया गया।
कई बड़ी एजेंसियां थीं जांच में जुटीं
इस चोरी के बाद सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तेलंगाना की काउंटर-इंटेलिजेंस, मिलिट्री इंटेलिजेंस, मल्काजगिरी पुलिस, हैदराबाद टास्क फोर्स, एनआईए (NIA) और अन्य केंद्रीय एजेंसियां इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच में जुटी हुई थीं।
क्या-क्या चोरी हुआ था?
गौरतलब है कि बीते 30 अगस्त की रात को आर्मरी के दो अलग-अलग कमरों में सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया था। चोरों ने एक कमरे से 4 अत्याधुनिक एके-203 असॉल्ट राइफलें, 1 इंसास (INSAS) राइफल और 7 पिस्तौलें चुरा ली थीं। वहीं, दूसरे कमरे से भारी मात्रा में गोला-बारूद और दूरबीन चुराई गई थी। इस बड़ी वारदात के बाद देश की सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ गए थे।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

