पिछले तीन सालों में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) के खजाने में भक्तों ने दिल खोलकर दान किया है। सूचना के अधिकार (RTI) से मिली जानकारी के मुताबिक, बोर्ड को करीब 32.10 किलो सोना और 572.14 करोड़ रुपये नकद दान के रूप में प्राप्त हुए हैं। यह आंकड़ा तब सामने आया है, जब दरबार में चढ़ावे के रूप में आई चांदी जैसी दिखने वाली धातु की शुद्धता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
यह डेटा सामाजिक कार्यकर्ता रमन शर्मा द्वारा दायर RTI के जवाब में सामने आया है। इसमें वित्त वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) का हिसाब शामिल है।
सोना-चांदी और नकदी, पूरा हिसाब-किताब
RTI के मुताबिक, भक्तों ने इस अवधि में 7,671.44 किलो ‘सफेद धातु’ दान की, जो देखने में चांदी जैसी लगती है।
सोने का चढ़ावा:
- 2024-25 में: 18.11 किलो
- 2025-26 में: 10.82 किलो
- मार्च से जून 2026 तक: 3.17 किलो
- कुल: 32.10 किलो
नकद चढ़ावा:
- 2024-25 में: 282.17 करोड़ रुपये
- 2025-26 में: 217 करोड़ रुपये
- मार्च से जून 2026 तक: 72.97 करोड़ रुपये
- कुल: 572.14 करोड़ रुपये
चांदी जैसी सफेद धातु:
- 2024-25 में: 4,080.66 किलो
- 2025-26 में: 2,916.94 किलो
- मार्च से जून 2026 तक: 673.84 किलो
- कुल: 7,671.44 किलो यानी 7.67 टन से ज्यादा
550 करोड़ के नकली चांदी विवाद ने बढ़ाई हलचल
यह खुलासा ऐसे वक्त में हुआ है जब श्राइन में करीब 550 करोड़ रुपये मूल्य के चांदी के चढ़ावे में मिलावट का गंभीर आरोप लगा है। इस साल अप्रैल में मामला तब गरमा गया, जब एक सरकारी टकसाल में हुई जांच में दावा किया गया कि दान में जमा हुई “चांदी” में महज 5 से 6 प्रतिशत ही असली चांदी है, बाकी सस्ती धातुएं हैं।
इसके बाद जम्मू के एक वकील ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और आरोप लगाया कि भक्तों द्वारा चढ़ाई गई लगभग 20 टन चांदी, जिसकी कीमत 550 करोड़ के आसपास है, में मिलावट, हेराफेरी और गबन हुआ है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जम्मू के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत ने पिछले हफ्ते ही DSP कटरा को आदेश दिया है कि वह इस कथित नकली चांदी मामले में सबूतों को सुरक्षित रखने वाली याचिका पर विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करें और उचित कार्रवाई करें।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

