12 घंटे 12 मिनट में 122km! नवांग सेरिंग ने सिल्क रूट मैराथन जीती, जिगमित खारदूंगला चैंपियन बने

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 केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में 17,618 फुट की उंचाई परकड़ी चुनौतियों के बीच हुई 122 किलोमीटर की सिल्क रूट अल्ट्रा मैराथन व 72 किलोमीटर के खारदूंगला चैलेंज को लद्दाखी धावकों ने जीत लिया।

लद्दाख पुलिस के नवांग सेरिंग ने 122 किलोमीटटर की सिल्क रूट अल्ट्रा मैराथन को 12 घंटे, 12 मिनटों में 122 किलोमीटर की दूरी पूरी कर खिताब अपने नाम किया। लद्दाख मैराथन का 72 किलोमीटर का खारदूंगला चैलेंज सेना की लद्दाख स्काउट्स के जिगमित स्टोब्दान ने 6 घंटों के समय के साथ जीता।

दुनिया के सबसे कठिन व चुनौतीपूर्ण दौड़ों को जीतकर लद्दाखी धावकों ने स्पष्ट संदेश दिया कि धावक हिमालय की उंचाई, दुर्गम दर्रों के कम आक्सीजन वाले माहाैल में दौड़ में उनका कोई सानी नही है।

क्यागर से लेह तक दौड़े धावक

वीरवार शाम सात बजे क्यागर गांव से शुरू हुई अल्ट्रा मैरथन के विजेताओं का शुक्रवार सुबह लोगों ने लेह के एनडीएस स्टेडियम में जोरदार स्वागत किया। सुबह सात बजे के करीब दौड़ के विजेता स्टेडियम में पहुंचने लगे। राजस्थान के  सूरज मीना ने 12 घंटे, 35 में 122 किलोमीटर की दूरी पूरी कर दूसरा स्थान हासिल किया। लद्दाख के रिगजिन गुरमथ ने सिल्क रूट अल्ट्रा मैराथन में तीसरा इनाम हासिल किया।

वहीं  लद्दाख की धावक तेंजिन डोल्मा ने 14 घंटों 29 मिनटों में अल्ट्रा मैराथन पूरी कर खिताब अपने नाम कर लिया। लद्दाखी घावकों ने बर्फीली हवाओं, ऊंचाई व कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच अपने धैर्य व जुनून का परिचय दिया।

खारदूंगला चैलेंज के धावकों को मिलीं जैकेट

शुक्रवार को दौड़ों के समापन पर आयोजकों की ओर से सिल्क रूट अल्ट्रा मैराथन को सोलह घंटों के अंदर पूरा करने वाले धावकों को ओरेंज जैकेट व लिजेंड कैप दी गई। वहीं इसे अठारह घंटों के अंदर पूरा करने वालों को लैवेंड जैकेट मिली।

इसी तरह 72 किलोमीटर के खारदूंगला चैलेंज को 8 घटों के अंदर पूरा करने वाले धावकों को फिरोजी रंग व इसे दस घंटों के अंदर पूरा करने वालों को नीली जैकेट मिली। इस बार लद्दाख मैराथन के विभिन्न वर्गाें विजेताओं व उपविजेताओं को एक करोड़ रूपय के इनाम दिए जा रहे हैं।

क्यागर में पारंपरिक अंदाज में धावकों का स्वागत

सिल्क रूट अल्ट्रा काे वीरवार को लेह के नुब्रा जिले के दूरदराज क्यागर गांव से डिप्टी कमिश्नर मुकुल बेनीवाल ने शाम सात बजे के करीब रवाना किया था। उनके साथ इस मौके पर  लद्दाख मैराथन का आयोजन करने वाली रीमो एक्सपीडीश के संस्थापक छिवांग मोटु़प, जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी  व क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

लद्दाख मैराथन के शुभारंभ से पहले क्यागर में धावकों का स्वागत करने के लिए आयोजित हुई विशेष सांस्कृतिक संध्या में लद्दाख की पारंपरिक संस्कृति, लोक परंपराओं व स्थानीय जीवनशैली की आकर्षक झलक देखने को मिली। स्थानीय समुदाय ने अपनी परंपराओं व आतिथ्य के माध्यम से देश-विदेश से पहुंचे धावकों का स्वागत कर उन्हें उस भूमि की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया।

13 सितंबर तक चलेगी लद्दाख मैराथन

लद्दाख में  13 सितंबर तक चलने वाली 13वीं लद्दाख मैराथन के पांच वर्गाें में देश, विदेश के 7859 धावक हिस्सा ले रहे हैं। सिल्क रूट अल्ट्रा मैराथन व 72 किलोमीटर के खारदूंगला चैलेंज के बाद अब लेह में 13 सितंबर तक 42 किलोमीटर की मैराथन, 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन के साथ 5 किलोमीटर के रन फार फन का आयोजन होगा। इनमें हजारों खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।

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