अर्धकुंभ के पहले स्नान को करीब तीन माह का समय बचा है और मेला प्रशासन सुरक्षित एवं व्यवस्थित अर्धकुंभ की तैयारियों के दावे कर रहा है। परंतु, बुधवार को नगर कोतवाली के पास हरकी पैड़ी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क धंसने की घटना ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिया।
बच्चों में चीख-पुकार
मौके पर मौजूद स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने तत्काल मोर्चा संभाला और धक्का देकर बस को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास बैरिकेडिंग कर आवागमन प्रतिबंधित किया। परंतु, हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर सड़क धंसी, वहां करीब तीन माह पहले ही सीवर लाइन डालने के बाद सड़क का पुनर्निर्माण किया गया था।
स्थानीय व्यापारियों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और खुदाई के बाद भराव एवं मरम्मत के मानकों पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार हरिद्वार में पिछले एक वर्ष से सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। खुदाई के बाद कई स्थानों पर सड़कों के पुनर्निर्माण को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इससे पहले कांवड़ मेले के दौरान एक महिला धंसी सड़क के गड्ढे में गिर गई थी।
जुलाई के पहले सप्ताह पावन धाम रोड पर सड़क धंसने से दो ट्रक और एक कार के पहिये फंस गए थे। उसी दौरान भूपतवाला के गंगा विहार क्षेत्र में गाय के सड़क के गड्ढे में गिरने की घटना भी सामने आई थी।
करीब एक सप्ताह पहले सप्तऋषि मार्ग पर स्कूली बच्चों को ले जा रहा ई-रिक्शा गड्ढे में फंसकर पलट गया था, जिसमें बच्चे चोटिल हुए। परंतु उसके बाद भी धर्मनगरी में सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ है। अर्धकुंभ से पहले सड़क निर्माण की गुणवत्ता की पोल खुलने लगी है। जब नई बनी सड़कें ही धंसने लगें तो अर्धकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठना लाजिमी है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

