कानपुर में 15 साल बाद गिरफ्तार हुई पिता-पुत्र की जोड़ी, पुलिस से बचने के लिए घर बेचकर चले गए थे उज्जैन

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बर्रा पुलिस ने कार लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले आरोपित पिता-पुत्र को 15 साल बाद उज्जैन के नानाखेड़ा बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया। दोनों पुलिस से बचने के लिए बर्रा दो स्थित मकान बेचकर उज्जैन चले गए थे। पकड़े गए संजय अग्रवाल पर 50 हजार और उसके बेटे राहुल पर 25 हजार का इनाम घोषित था।

डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि वर्ष 2011 में बैंक आफ बड़ौदा की बर्रा-दो स्थित चंदेल मार्केट शाखा के प्रबंधक केवी त्रिपाठी ने गोविंद नगर के 14 ब्लाक निवासी हरिश्चंद्र अरोड़ा और रामआसरे नगर निवासी संतोष गुप्ता के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों से धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।आरोप था कि वर्ष 2009 में दोनों ने बैंक कर्मचारी अभय कुमार के माध्यम से जीटी रोड स्थित मेसर्स क्रास रोड मोटर्स से कार खरीदने के लिए 3.50 लाख रुपये का लोन लिया।

जांच में सामने आया कि आरोपितों ने कार के रजिस्ट्रेशन पेपर और बीमा बैंक में जमा नहीं किए। आरोपितों ने लोन की रकम ब्रह्मावर्त कारपोरेशन बैंक से चेक कैश कराकर हड़प ली थी।

जांच में हरिश्चंद्र और संतोष के साथ संजय अग्रवाल, उसके बेटे राहुल और मनोज सिंह के नाम सामने आए थे। पुलिस 25 अगस्त को मनोज सिंह को जेल भेज चुकी है। संजय के खिलाफ बर्रा थाने में नौ मुकदमे हैं, जबकि राहुल पर रायपुरवा और बर्रा थाने में 24 मामले दर्ज हैं।

पुलिस का दबाव बढ़ा तो बेच दिया था मकान

एडीसीपी दक्षिण आपरेशन सुमित सुधारक रामटेके ने बताया कि वर्ष 2011 से पहले संजय और उसका बेटा राहुल बर्रा-दो में रहते थे। बैंक की ओर से मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस का दबाव बढ़ा तो बर्रा-दो स्थित मकान बेच दिया और उज्जैन के नानाखेड़ा में जाकर रहने लगे। संजय वहां संजीव राज गोयल के नाम से रह रहा था।

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