कच्छियारी-भंगवार फोरलेन के आरंभ होने के बाद कांगड़ा शहर में बड़े वाहनों के दबाव और जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, लंबी दूरी की निजी बसों के रूट में बदलाव से स्थानीय यात्रियों के लिए चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं। दिल्ली, चंडीगढ़ और शिमला के लिए कांगड़ा व धर्मशाला से चलने वाली लग्जरी बसें अब कच्छियारी-रानीताल फोरलेन बाईपास और सुरंग से होकर गुजरेंगी, जिससे इनके मुख्य बोर्डिंग और ड्रापिंग प्वाइंट कांगड़ा मुख्य बस स्टैंड से फोरलेन पर स्थानांतरित होने की संभावना है।
इस बदलाव के बाद कांगड़ा के यात्रियों को लग्जरी बस पकड़ने या उतरने के लिए बाईपास तक पहुंचना होगा। वर्तमान में कई निजी लग्जरी बसें कांगड़ा से दिल्ली और चंडीगढ़ के लिए चलती हैं, जिन्हें स्थानीय यात्री और पर्यटक आरामदायक सफर के कारण प्राथमिकता देते हैं। रूट में बदलाव से स्थानीय यात्रियों की बुकिंग और आवाजाही पर असर पड़ सकता है।
विशेष रूप से, रात्रिकालीन और सुबह पहुंचने वाली बसों के यात्रियों की सुरक्षा चिंता का विषय है। फोरलेन पर उतरने के बाद कांगड़ा शहर तक पहुंचने के लिए उन्हें अलग साधन की आवश्यकता होगी, जिससे महिला यात्रियों और निफ्ट की छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल उठ सकते हैं।
लिंक रोड से मिल सकती है कनेक्टिविटी
कांगड़ा मुख्य शहर से कच्छियारी फोरलेन तक पहुंचने के लिए कांगड़ा-कच्छियारी लिंक रोड, मटौर-कच्छियारी मार्ग, टांडा-कच्छियारी संपर्क मार्ग और जोगीपुर-कच्छियारी मार्ग महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रदान कर सकते हैं।
बनानी होगी योजना
प्रशासन को फोरलेन के संचालन से पहले सुरक्षित बस स्टॉप, पर्याप्त रोशनी, यात्रियों के लिए शेड, ऑटो-टैक्सी की व्यवस्थित सुविधा और कांगड़ा शहर से फोरलेन तक बेहतर संपर्क मार्ग कनेक्टिविटी की योजना बनानी होगी।
इससे कांगड़ा शहर को जाम और प्रदूषण से राहत मिलेगी। साथ ही बाहर से बस पकड़ने वाले यात्रियों, महिलाओं और छात्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

