जुड़वां भाइयों की खुराफात ने दोनों को पहुंचाया जेल, पुलिस भर्ती में कद छोटा पड़ा तो दूसरे भाई ने कराई नाप
खाकी वर्दी पहनने की चाहत में जुड़वां भाइयों ने पुलिस भर्ती में खेल करने की कोशिश की। लिखित परीक्षा पास कर अभिलेख सत्यापन व शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए आए आगरा के अभ्यर्थी की लंबाई मानक से कम मिली।
यह है पूरा मामला
कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार द्विवेदी ने बताया कि पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर पुलिस लाइन में 29 अगस्त को आगरा निवासी भूपेंद्र अभिलेखों के सत्यापन के लिए आया था। सत्यापन के बाद शारीरिक परीक्षण किया गया।
इसमें डॉ. जसवीर सिंह की टीम ने भूपेंद्र की लंबाई (ऊंचाई) 166.4 सेंटीमीटर व सीना 79 सेमी पाया। इसे पत्रावली में अंकित किया गया। यह लंबाई तय मानक 168 सेमी से कम थी। इसके आधार पर उसे भर्ती के लिए अयोग्य घोषित किया गया था।
इसके बाद भूपेंद्र ने नोडल अधिकारी से पुन: नाप कराने की अपील की। इस पर दल-2 के डॉ. आलोक मिश्रा व उनकी टीम ने नाप की तो लंबाई 169.6 सेमी निकली। 3.2 सेमी की लंबाई का अंतर होने पर मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। बायोमीट्रिक जांच में मिलान नहीं होने पर सख्ती से पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह अभ्यर्थी भूपेंद्र का जुड़वां भाई भूपेश है।
इसके बाद दोनों भाइयों की तलाशी ली गई। उनके पास से दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैनकार्ड, मतदाता पहचान पत्र, एटीएम कार्ड, हाईस्कूल व इंटर की अंकतालिकाएं व अन्य प्रमाणपत्र बरामद किए गए। पुलिस लाइन के दारोगा ईश्वर सिंह ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
इसके बाद दोबारा उसने नाप कराने का अनुरोध किया और इस बार नाप के लिए पुलिस लाइन में उसका जुड़वां भाई पहुंच गया। दोबारा परीक्षण में पहले से 3.2 सेंटीमीटर अधिक लंबाई निकलने पर शक हुआ तो पूछताछ की गई और सच सामने आ गया। मामले में दोनों भाइयों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

