कुर्था थाना क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित शाहगंज गांव के समीप कुर्था-धमौल मार्ग पर हुए बस हादसे के 8 दिन बाद चालक का शव बरामद हुआ है।
शव को घटनास्थल से एक किमी दूर मंगरा हाट के समीप उसी पईन से बरामद किया गया है। लाश पूरी तरह सड़ चुकी है। उसकी पहचान कपड़ों से पहचान हुई।
लूना को बचाने के चक्कर में हुआ था हादसा
गत 31 अगस्त की शाम एक लूना सवार को बचाने में बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पानी भरे गड्ढे में चली गई थी, जिस पर सवार चालक व सह चालक ने अपनी जान बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी थी।
लापता चालक की पहचान जहानाबाद जिले के परसबिगहा थाना क्षेत्र के कसाई गांव निवासी उपेंद्र कुमार के रूप में हुई थी। चालक के पुत्र मुकुल कुमार ने कुर्था थाने में आवेदन देकर पिता की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई थी।
SDRF की टीम कर रही थी तलाश
डूबने की आशंका पर एसडीआरएफ की टीम ने पानी में चालक की खोजबीन की थी, उसके मोबाइल का लोकेशन घटनास्थल के समीप ही मिला था, लेकिन तब भी कोई सुराग नहीं मिल पाया था।सात दिनों बाद मंगलवार को चालक का शव घटनास्थल से 1 किमी ही बरामद किया गया। शव बरामद होते ही स्वजन में कोहराम मच गया। स्वजन ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
स्वजन के अनुसार, उपेंद्र कुमार बस चालक थे, बस लेकर कुर्था-धमौल मार्ग से आ रहे थे। सड़क पर पानी का तेज बहाव था, जहां से गुजरते वक्त एक लूना बाइक सवार को बचाने में बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे चली गई थी।
बस को ग्रामीणों ने तार के सहारे पेड़ से बांध दिया था, ताकि वह बाढ़ के पानी में नहीं बहे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बस को जब्त किया था।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

