बीएचयू अस्पताल में पद्मश्री डा. लाहिड़ी की देखरेख करने वाले डा. अरविंद को हटाया गया, जल्द जारी होगी जांच रिपोर्ट
रोगियों की सेवा के लिए समर्पित रहे पद्मश्री से अलंकृत प्रो. टीके लाहिड़ी के साथ बीएचयू अस्पताल में मारपीट का आरोप लगने के बाद कार्रवाई का दौर जारी है। उनकी देखरेख में लगे चिकित्सक डा. अरविंद पांडेय पर गाली-गलौज और थप्पड़ मारने का आरोप लगाते हुए प्रो. लाहिड़ी की एक रिश्तेदार ने बीएचयू प्रशासन को ई-मेल भेजा था। इसके बाद डा. अरविंंद को उनकी देखरेख की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। जबकि जांच कमेटी रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही सौंपने जा रही है।
ई-मेल का स्क्रीनशाट इंटरनेट मीडिया पर भी प्रसारित हुआ है। सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष दीपक राय कान्हा ने लंका थाने में तहरीर देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि प्रो. लाहिड़ी डिमेंशिया से पीड़ित हैं और उनके ही शिष्य डा. अरविंद पांडेय के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम उनकी सेवा-सुश्रुषा कर रही है। उन्होंने मारपीट के आरोप को अकल्पनीय बताया। डीन प्रो. संजय गुप्ता ने भी आरोप को सही नहीं बताया। सर सुंदरलाल चिकित्सालय के एमएस प्रो. पुनीत ने कहा कि मामला सामने आया है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
आठ माह से स्वजन ने नहीं ली सुधि
प्रो. संखवार के अनुसार प्रो. लाहिड़ी के उपचार और सेवा का खर्च बीएचयू उठा रहा है। उनका भाई और बहन का परिवार कोलकाता में रहता है। आठ माह में कोई उनका हाल-चाल लेने नहीं आया। बीएचयू की ओर से संपर्क किए जाने पर उन्होंने देखभाल से मना कर दिया था। डा. अरविंद पांडेय ने कहा कि मामले की जांच चल रही है, इसलिए अभी कुछ कहना उचित नहीं होगा।
हालांकि, उन्होंने चिकित्सकों के वाट्सएप ग्रुप में अपना पक्ष भेजा है। इसमें कहा है कि प्रो. लाहिड़ी की दिमागी हालत ठीक नहीं रहती। साफ-सफाई के दौरान उन्होंने प्रतिरोध किया, जिस पर उन्हें बलपूर्वक काबू में किया गया। इसी दौरान प्रतिरोध के कारण उन्हें चोटें लगीं। प्रो. लाहिड़ी बीएचयू अस्पताल के कार्डियो थोरेसिक विभाग में लंबे समय तक सेवा दे चुके हैं। वर्ष 2003 में सेवानिवृत्ति के बाद भी वह निश्शुल्क मरीजों को देखते रहे और अपनी पेंशन का बड़ा हिस्सा अस्पताल को दान किया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

