झारखंड HC ने पूछा- अल्बर्ट एक्का चौक की दुकानों का किराया कौन वसूलेगा? सरकार-रांची नगर निगम से मांगा जवाब
हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में रांची के अलबर्ट एक्का चौक स्थित दुकानों के किराया विवाद को लेकर दाखिल याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य सरकार, रांची सदर अस्पताल और रांची नगर निगम को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने इनसे स्पष्ट करने को कहा है कि संबंधित दुकानों का किराया वसूलने का अधिकार आखिर किस एजेंसी के पास है। इस संबंध में प्रार्थी रंजीत कुमार सहित 12 अन्य की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।
प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अनुराग कश्यप ने अदालत को बताया कि दुकानों का आवंटन रांची नगर निगम ने किया था और वर्ष 2012 तक निगम ही इन दुकानों का किराया वसूलता रहा। इसके बाद नगर निगम ने इन दुकानों को अतिक्रमण की श्रेणी में बताते हुए किराया लेना बंद कर दिया।
इस विवाद को लेकर पहले भी हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। वर्ष 2023 में अदालत में सुनवाई के दौरान सदर अस्पताल, रांची ने दावा किया था कि संबंधित दुकानें उसके क्षेत्राधिकार में आती हैं।
इसके बाद दुकानदार सदर अस्पताल प्रबंधन के पास किराया जमा करने पहुंचे, लेकिन अस्पताल ने किराया लेने से इन्कार कर दिया और उन्हें पुनः रांची नगर निगम के पास भेज दिया। दूसरी ओर, नगर निगम भी किराया स्वीकार नहीं कर रहा है।
ऐसे में दुकानदारों के सामने यह स्थिति उत्पन्न हो गई है कि वे किराया देने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि किस विभाग या एजेंसी को किराया जमा किया जाए।
प्रार्थी ने अदालत को बताया कि वह नियमित रूप से दुकान का किराया अदा करना चाहता है, लेकिन संबंधित प्राधिकार तय नहीं होने के कारण किराया जमा नहीं हो पा रहा है।
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सदर अस्पताल और रांची नगर निगम को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए पूछा है कि इन दुकानों का किराया वसूलने का वैधानिक अधिकार किसके पास है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

