सहारनपुर में ध्वस्त की गई अवैध मस्जिद के नीचे मिला कुआं, 15 फीट गहरा और 1.5 मीटर चौड़ा
कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद गिराए जाने के 24 घंटे बाद मलबा हटाते समय उसके नीचे कुआं निकला है। कुएं की गहराई करीब 15 फीट बताई जा रही है।
अवैध घोषित की गई मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद रविवार सुबह मलबा हटा रही टीम को उसके नीचे एक कुआं मिला है। इसकी गहराई करीब 15 फीट और चौड़ाई डेढ़ मीटर है। इस पर भारी स्लैब डाला हुआ था। पोकलेन मशीन से स्लैब नहीं टूटने पर उसे कटर से काटकर हटाया गया। स्लैब हटने पर नीचे कुआं दिखाई दिया। कुआं कब बना, कितना पुराना है, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
विकास त्यागी ने भेजी थी शिकायत
बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने जनवरी-2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायत भेजी थी। उनका आरोप था कि कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद सरकारी भूमि पर कब्जा करके बनाई गई है। शिकायत की जांच के बाद सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में 24 मार्च-2025 को उत्तर प्रदेश लोक परिसर (अनधिकृत अध्यासियों की बेदखली) अधिनियम-1972 के तहत यह वाद दाखिल हुआ था। सुनवाई के बाद 16 जुलाई-2026 को सिटी मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा था कि प्रदेश सरकार की 315 वर्ग मीटर भूमि पर कब्जा करके मस्जिद का निर्माण किया गया है।
अवैध किया था घोषित
न्यायालय ने फसली वर्ष 1324 व 1359 में संबंधित भूमि को कचहरी-कलेक्ट्रेट के रूप में दर्ज पाया। न्यायालय ने इसे अवैध घोषित करते हुए बेदखली और छह करोड़ 41 लाख 65 हजार 500 रुपये की क्षतिपूर्ति कब्जाधारी से वसूलने का आदेश दिया था।
मस्जिद पक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देते हुए 20 जुलाई को जिला जज न्यायालय में अपील दाखिल की थी। लगभग डेढ़ महीने तक दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद जिला जज न्यायालय ने दो सितंबर को अपील खारिज कर दी थी और सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को यथावत रखा था। मामले में पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शुक्रवार रात में ही कलक्ट्रेट परिसर की घेराबंदी कर पुलिस बल तैनात कर दिया था।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

