MP में शहर से कस्बों तक आसान होगा सफर: इलेक्ट्रिक बस, स्मार्ट टिकटिंग और PPP मॉडल से बदलेगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था
मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए सरकार पहली बार मोबिलिटी विजन-2030 तैयार करने जा रही है। इस विजन के जरिए आने वाले वर्षों में शहरों और कस्बों के बीच यात्री परिवहन को अधिक सुविधाजनक, आधुनिक और मजबूत बनाने की रणनीति तय की जाएगी।
इंदौर में 11-12 सितंबर को होगा बड़ा सम्मेलन
मोबिलिटी विजन-2030 को लेकर इंदौर में 11 और 12 सितंबर को दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे। सम्मेलन में सार्वजनिक परिवहन की वर्तमान चुनौतियों, भविष्य की जरूरतों और नई रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
इस आयोजन में निजी बस संचालक, नीति निर्माता, परिवहन प्राधिकरण, बस निर्माता, टेक्नोलाजी कंपनियां, निवेशक और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि एक मंच पर जुटेंगे। इसका उद्देश्य नागरिक केंद्रित और आधुनिक यात्री परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए सरकार और निजी क्षेत्र के बीच साझेदारी को मजबूत करना है।
PPP मॉडल पर रहेगा जोर
सम्मेलन में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना सबसे अहम मुद्दों में शामिल रहेगी। सरकार सार्वजनिक बस सेवा के विस्तार में बड़े पैमाने पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल अपनाने की तैयारी में है।
योजना के तहत सरकार का जोर खुद बसें खरीदकर उनका संचालन करने के बजाय निजी क्षेत्र की पूंजी, तकनीक और विशेषज्ञता का उपयोग करने पर रहेगा। निजी ऑपरेटर बसों के संचालन के साथ ही उनके रखरखाव, फ्लीट मैनेजमेंट और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सरकार एक-दो माह के भीतर यात्रियों को नई सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है।
टिकट से लेकर बस की लाइव लोकेशन तक तकनीक का इस्तेमाल
नई परिवहन व्यवस्था में तकनीकी कंपनियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। डिजिटल टिकटिंग के साथ यात्रियों को बसों की लाइव लोकेशन, यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी और बेहतर रूट प्लानिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
इससे यात्रियों को बस के समय और रूट की जानकारी आसानी से मिल सकेगी, वहीं परिवहन व्यवस्था के संचालन और निगरानी को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
12 क्षेत्रों में निवेश और नए प्रोजेक्ट की संभावनाएं
सम्मेलन में परिवहन के भविष्य से जुड़े करीब 12 महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेषज्ञ और कंपनियां अपने सुझाव रखेंगी। इनमें बस निर्माण, इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन मोबिलिटी, डिजिटल टिकटिंग, फ्लीट मैनेजमेंट, चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, एआई और डेटा एनालिटिक्स, स्मार्ट बस स्टॉप, पैसेंजर इन्फार्मेशन सिस्टम और मोबिलिटी-एज-ए-सर्विस जैसे क्षेत्र प्रमुख रहेंगे। इसके अलावा परिवहन वित्त और नए निवेश मॉडल पर भी मंथन किया जाएगा।
कंपनियों को सरकार के सामने रखने का मिलेगा मौका
सम्मेलन में निजी कंपनियों और निवेशकों को सरकार के अधिकारियों के साथ सीधे बातचीत का अवसर मिलेगा। कंपनियां अपने तकनीकी समाधान और परिवहन से जुड़े मॉडल प्रस्तुत कर सकेंगी। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने और निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी।
सरकार का यह मोबिलिटी विजन-2030 आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन की तस्वीर बदलने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। शहरों से कस्बों तक बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक बस सेवाएं और तकनीक आधारित सुविधाओं के जरिए यात्रियों के सफर को अधिक सुगम बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

