पंचायत और महिला मंडल भवन में चल रहे हिमाचल के 177 स्कूल, चंबा में रेस्ट हाउस में पढ़ रहे 99 बच्चे; अपना भवन नहीं
हिमाचल प्रदेश में 177 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास अपना भवन नहीं है। कहीं बच्चे दूसरे सरकारी स्कूल के कमरों में पढ़ने को मजबूर हैं तो कहीं निजी परिसर, पंचायत भवन और सामुदायिक भवन ही कक्षाओं का ठिकाना बने हुए हैं। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान यह आंकड़ा सामने आया है। भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में सरकार ने यह जानकारी दी।
सरकार के अनुसार 177 सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन ही नहीं है। इन स्कूलों में पढ़ाई अस्थायी तौर पर दूसरे सरकारी स्कूलों के भवनों, निजी परिसरों, विश्राम गृहों, सामुदायिक भवनों, महिला मंडलों और पंचायत भवनों में चल रही है। इनमें 12 पाठशालाओं के भवन हाल के वर्षों में आपदा के कारण असुरक्षित घोषित किए गए हैं।
चंबा में रेस्ट हाउस में पढ़ रहे 99 बच्चे
चंबा जिले में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनरा का भवन आपदा के कारण असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। स्कूल को लोक निर्माण विभाग के कुनरा रेस्ट हाउस में स्थानांतरित करना पड़ा। वर्तमान में स्कूल रेस्ट हाउस के चार कमरों में चल रहा है और यहां 99 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
1,526 स्कूल बंद, 1,473 भवन शिक्षा विभाग के पास
सरकार ने बताया कि तीन वर्ष में 1,526 स्कूल बंद किए गए। इनमें से 1,473 विद्यालयों के भवनों का स्वामित्व शिक्षा विभाग के पास है और ये भवन खाली पड़े हैं। इनमें से 577 भवनों को जरूरत और उपलब्धता के अनुसार दूसरे विभागों को इस्तेमाल के लिए दिया है। बंद किए 53 ऐसे स्कूल भी हैं, जो पहले से निजी या किराये के भवनों में चल रहे थे।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

