अभाव भले ही सुविधाओं की राह में बाधा बने, लेकिन मजबूत इरादों के सामने सपने नहीं रुकते। खूंटी के डूमरदगा गांव निवासी एवं नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय, खूंटी के छात्र सुधीर सांगा ने अपनी मेहनत और लगन से इसे साबित कर दिखाया है।
बचपन में ही पिता के निधन के बाद आर्थिक तंगी के बीच पले सुधीर ने बांस के धनुष से तीरंदाजी शुरू की और बाद में उधार के आधुनिक धनुष से अभ्यास करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। पिता के निधन के बाद उसकी मां बिरंग पाहन मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, संस्थान में अनाथ, एकल अभिभावक परिवारों, बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चे तथा नक्सल प्रभावित परिवारों के बच्चों को तीरंदाजी से जोड़कर आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है।
विद्यालय के अब तक दो छात्रों का भारतीय खेल प्राधिकरण में चयन हो चुका है, जबकि आठ छात्र राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं। एक छात्र एशियाई युवा पैरा खेलों में स्वर्ण पदक भी हासिल कर चुका है।सुधीर के साई में चयन से परिवार, विद्यालय और गांव में खुशी का माहौल है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

