Teacher’s Day: डॉ. सुमन ने अपनी सैलरी से सुधारी स्कूल की सूरत, 35 साल पुराना अवैध कब्जा हटवाकर बनाया ‘निपुण विद्यालय’
हापुड़ के कलेक्टर गंज स्थित शिवा प्राथमिक पाठशाला आज क्षेत्र का एकमात्र निपुण विद्यालय है, लेकिन 2011 में इसकी तस्वीर कुछ और ही थी।
जब डॉक्टर सुमन अग्रवाल ने प्रधानाध्यापिका के रूप में कार्यभार संभाला तो, स्कूल की इमारत ढहने की कगार पर थी, एकमात्र शौचालय पर ताला लटका था, पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी और बच्चे फर्श पर बैठने को मजबूर थे। उस समय स्कूल में मात्र 15 से 20 बच्चे ही आते थे।
विद्यालय की जमीन के लिए लड़ी सबसे लंबी लड़ाई
सबसे बड़ी लड़ाई उन्होंने विद्यालय की जमीन के लिए लड़ी। 35 साल से विद्यालय की जमीन पर अवैध कब्जा था। लंबे संघर्ष के बाद उन्होंने 50 लाख रुपये कीमत की सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया और फिर सरकार की मदद व अपनी सैलरी से वहां भव्य विद्यालय का निर्माण कराया।
इमारत बनने के बाद उन्होंने बच्चों को विद्यालय से जोड़ने का अभियान शुरू किया। पर्याप्त स्थान न होने के बावजूद उन्होंने 250 से अधिक घरों का दौरा कर अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया गया।
दो कमरे होने के बावजूद गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जारी रखी और शिवा पाठशाला आज हापुड़ का एकमात्र निपुण विद्यालय घोषित है।
मतदाता जागरूकता के लिए भी किया काम
डॉक्टर सुमन अग्रवाल ने शिक्षा के साथ-साथ मतदाता जागरूकता के लिए भी काम किया है। स्वीप कार्यक्रम के तहत उन्होंने हजारों लोगों और बच्चों के माध्यम से गली-मोहल्लों में प्रतियोगिताएं व अभियान चलाए थे, जिसके लिए प्रशासन द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

