7 दिनों से टावर पर चढ़े किसान, पुलिस फोर्स का भी किया मुकाबला; हरियाणा के सिरसा में अब किस मुद्दे पर नाराज हुए किसान?
गांव वैदवाला में किसानों और प्रशासन के बीच टावर को लेकर विवाद चल रहा है। टावर पर चढ़े दो किसानों को उतारने के लिए रात एक बजे डीएसपी राजेश पुलिस बल के साथ पहुंचे।
इसकी सूचना जैसे ही ग्रामीणों को मिली तो गुरुद्वारे में एनाउंसमेंट करवा दिया गया। जिसके बाद धरनास्थल पर गांव के 70 युवा इकट्ठा हो गए। इसके बाद डीएसपी के साथ युवाओं की दस मिनट तक बहस हुई। किसानों ने रात को टावर गिराने की घोषणा कर दी। जिसके बाद डीएसपी वापस लौट गए।
18 अगस्त का दिया गया अल्टीमेटम
बुधवार को भी गांव वैदवाला के जलघर में किसानों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। किसान भूपेंद्र सिंह वैदवाला और वेदप्रकाश सातवें दिन भी टंकी पर डटे हुए हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन को 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई। जिसके चलते किसान अब टावर उखाड़ेंगे। जिसमें अलग-अलग यूनियनों के किसान नेता विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए धरना स्थल पर पहुंच रहे है।
बता दें कि बीतें सोमवार को भारतीय किसान यूनियन ने गुरुद्वारा में बैठक करने के पश्चात धरना स्थल पर पहुंच 19 अगस्त को टावर लाइन उखाड़ने का एलान कर दिया था। इस संबंध में किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने भी चेतावनी दी थी लेकिन प्रशासन की तरफ से मुआवजा बढ़ाने या दोबारा से जमीन की वेल्यूवेशन किए जाने को लेकर कोई भी प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।
यह है पूरा मामला
हुक्कमांवाली चोरमार 220 केवीए लाइन से सिरसा 220 केवीए सब स्टेशन तक बिजली लाइन पहुंचाने के लिए एचवीपीएन की तरफ फरवाई, हांडीखेड़ा और वैदवाला के खेतों में बिजली के बड़े टावर लगाए गए हैं।
फरवाई और हांडीखेड़ा के किसान इस पर सहमत हो गए। जबकि वैदवाला के किसानों ने इसका विरोध कर दिया। धरना प्रदर्शन के बाद किसान सात दिनों से टंकी पर डटे हुए है। किसानों का जलघर में लगातार धरना चल रहा है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

