हरियाणा में अब सभी विभागों को आमजन से जुड़ी जरूरी सूचनाएं सार्वजनिक करनी होंगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को आरटीआइ अधिनियम की धारा 4 का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत जो सूचनाएं स्वत: सार्वजनिक की जानी हैं, उन्हें संबंधित विभागों की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करना होगा।
राज्य सूचना आयोग ने 22 जून को आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि विभाग काे संगठन, कार्य और अधिकारियों के अधिकार-दायित्व, निर्णय लेने की प्रक्रिया, निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था, कामकाज के मानक, नियम-कायदे, निर्देश, मैनुअल और रिकार्ड जैसी सूचनाएं सार्वजनिक करनी हाेंगी।
दस्तावेजों की श्रेणियां, जनता से परामर्श की व्यवस्था और बोर्डों, परिषदों व समितियों से संबंधित जानकारी, अधिकारियों-कर्मचारियों की निर्देशिका, उनके मासिक वेतन, बजट और प्रस्तावित खर्च, सब्सिडी योजनाओं और लाभार्थियों का विवरण, रियायतों, परमिट और मंजूरियों के लाभार्थियों की जानकारी तथा इलेक्ट्रानिक रूप में उपलब्ध सूचनाएं भी सार्वजनिक करने के दायरे में हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि महत्वपूर्ण नीतियां बनाते या ऐसे फैसले घोषित करते समय, जिनका असर जनता पर पड़ता है, उनसे जुड़े प्रासंगिक तथ्य भी सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
प्रशासनिक या अर्ध-न्यायिक (क्वासी-ज्यूडिशियल) फैसलों से प्रभावित लोगों को उनके फैसले के कारण भी बताए जाने हैं। यदि किसी आरटीआइ आवेदन में मांगी गई सूचना विभाग की कई शाखाओं या विंग से संबंधित है तो इसका हवाला देकर नामित लोक सूचना अधिकारी (एसपीआइओ) अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।
मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी विभागों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि वेबसाइट पर डाली गई जानकारी की समय-समय पर समीक्षा की जाए, उसे अपडेट किया जाए।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

