‘नौकरी करने लायक नहीं जेन-जी’, ग्रेजुएट्स की जगह रोबोट रखने को तैयार बॉस; कंपनियों ने बताई वजह

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 अमेरिका की प्रमुख कंपनियों में नई पीढ़ी जेन-जी के युवा कर्मचारियों के कामकाज, बातचीत के तरीकों और पेशेवर व्यवहार को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। ज्यातर अमेरिकी कंपनियां जेन-जी में कौशल विकास और वर्कप्लेस रेडीनेस को लेकर संतुष्ट नहीं हैं।

नई रिपोर्ट के अनुसार, ऑफिस में ईमेल किसे करना है, मीटिंग में असहमति कैसे रखनी है, बॉस से सवाल कब पूछना है और एआई से मिले जवाब की जांच कैसे करनी है इस तरह के सवालों के जवाब नई पीढ़ी के कर्मचारियों के सामने ये वास्तविक चुनौतियां हैं।

समस्या क्या है?

नेशनल एसोसिएशन ऑफ कॉलेज एंड एम्प्लॉयर्स (NACE) के सर्वे में 71% कंपनियों ने माना कि नए छात्र काम के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। 75% कंपनियां नए कर्मचारियों के प्रदर्शन से दुखी हैं। एक अन्य सर्वे में 37% बॉस का कहना है कि वे किसी नए ग्रेजुएट को नौकरी देने की जगह एआई या रोबॉट से काम लेना पसंद करेंगे। वहीं 30% अधिकारियों का मानना है कि सीट खाली रखना बेहतर है, लेकिन अयोग्य उम्मीदवार को नहीं रखना चाहिए।

इसकी मुख्य वजहें

लॉकडाउन के दौरान स्कूल-कॉलेज बंद रहने, अत्यधिक स्क्रीन टाइम और ऑनलाइन पढ़ाई की वजह से युवाओं का लोगों से मिलना-जुलना कम हुआ। इस कारण उनकी कम्युनिकेशन और सोशल स्किल्स कमजोर हो गईं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि साल 2000 के बाद से कंपनियों ने नए कर्मचारियों को ट्रेनिंग और मेंटरशिप देना काफी कम कर दिया है।

एक्सपर्ट्स की राय

न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी प्रोफेसर टेसा वेस्ट का कहना है कि तकनीकी हुनर (टेक्निकल स्किल्स) आसानी से सिखाए जा सकते हैं, लेकिन लोगों से बात करना, मतभेद संभालना और साथ मिलकर काम करना सीखने में समय लगता है।

इसके अलावा पेन्सिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पीटर कैपेली ने कहा कि हर नई पीढ़ी को शुरुआत में ऐसी ही आलोचना का सामना करना पड़ता है। केवल छात्रों या कॉलेजों को दोष देना सही नहीं है, कंपनियों को भी ट्रेनिंग देनी होगी।

वहीं, तोशिबा की चीफ एचआर जेसन डेसेंट्ज ने बताया कि कॉलेज और कंपनियों को मिलकर नए युवाओं को ऑफिस कल्चर, बातचीत के तौर-तरीके और एआई के सही इस्तेमाल की सही ट्रेनिंग देनी चाहिए।

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