नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय अपने हुनर को कमाई का जरिया बनाने वाले युवाओं की कहानी बदलते रोजगार की तस्वीर पेश करती है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से मिले पांच लाख रुपये के ऋण ने आर्यन कुमार और प्रखर शुक्ला को सिर्फ आर्थिक सहारा नहीं दिया, बल्कि उनके हुनर को कारोबार में बदलने का रास्ता खोल दिया।
दरावपुर के आर्यन कुमार को मधुमक्खी पालन का अनुभव उन्हें परिवार से मिला था, लेकिन इसे आधुनिक व्यवसाय में बदलने के लिए पूंजी की जरूरत थी। सीएम युवा योजना से पांच लाख रुपये का ऋण मिलने के बाद आर्यन ने मधुमक्खी पालन के साथ शहद के मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने शुरू किए।
अब उनके यहां हनी विनेगर, हनी जिंग, ड्राई फ्रूट्स विद हनी और गार्लिक विद हनी जैसे उत्पाद तैयार हो रहे हैं। उनका जोर सिर्फ शहद बेचने पर नहीं, बल्कि स्थानीय उत्पादन को ब्रांड और बेहतर पैकेजिंग के जरिए बड़े बाजार तक पहुंचाने पर है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

