यूपी रोडवेज बस में किराए का झंझट खत्म, तो मुफ्त में 60+ महिलाएं धार्मिक यात्रा और रिश्तेदारों से मिलने निकलीं
उम्र के इस पड़ाव पर जहां सफर के लिए किराये का हिसाब कई बार कदम रोक देता था, वहीं रोडवेज की मुफ्त यात्रा सुविधा ने बुजुर्ग महिलाओं के सफर को आसान कर दिया है। फिर चाहे उन्हें धार्मिक यात्रा पर जाना हो या फिर मायके और रिश्तेदारी में।
मुफ्त यात्रा की सुविधा का सबसे अधिक लाभ उन बुजुर्ग महिलाओं को मिल रहा है, जिन्हें मायके, रिश्तेदारों या धार्मिक स्थलों तक जाने के लिए पहले किराये की चिंता करनी पड़ती थी। अब वे बिना किराये की चिंता किए रोडवेज बसों में सफर कर रही हैं। आगरा से आसपास के जिलों और प्रमुख धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाली बसों में बुजुर्ग महिलाओं की मौजूदगी बढ़ी है।
मायके, रिश्तेदारों और धार्मिक स्थलों तक पहुंचना हुआ आसान
किशोरपुरा की रामकली कहतीं हैं कि उम्र बढ़ने के साथ आय के साधन सीमित हो जाते हैं। ऐसे में आने-जाने का किराया भी कई बार अतिरिक्त बोझ बन जाता है। मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलने से अब जरूरी होने पर रिश्तेदारों से मिलने या धार्मिक यात्रा पर जाने में आसानी हो रही है।
60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं को मिल रही मुफ्त यात्रा की सुविधा
आईएसबीटी के प्रबंधक चंद्रहंस ने बताया कि पात्र बुजुर्ग महिलाओं को नियमानुसार मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बसों में सफर करने वाली महिलाओं को परिचालक के स्तर से सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। इससे बुजुर्ग महिलाओं में सार्वजनिक परिवहन के प्रति भरोसा भी बढ़ रहा है।
इस व्यवस्था ने निर्भरता खत्म कर दी। जब भी धार्मिक यात्रा या फिर बेटी के यहां जाना हो या फिर रिश्तेदारी में। इसके लिए किराए को लेकर सोचने की अब जरूरत नहीं रही है। माया, रामनगरपेंशन और रोडवेज की बसों में निश्शुल्क यात्रा ने बुजुर्ग महिलाओं के जीवन में ऊर्जा का काम किया है। इस व्यवस्था से जीवन के अंतिम पडाव में धार्मिक यात्रा निश्चित तौर पर आसान हो गई है। पार्वती, खंदारी

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

