हिमाचल विधानसभा परिसर में लॉटरी पर घमासान, जयराम बोले- सीएम का बयान अपने आप में बड़ा मजाक

6.9kViews
1520 Shares

हिमाचल प्रदेश में लॉटरी शुरू करने के सरकार के फैसले के विरोध में भाजपा विधायकों ने बुधवार को विधानसभा के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार के फैसले को प्रदेश की नई पीढ़ी के लिए घातक बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि हिमाचल देवभूमि है और यहां के लोग ऐसी प्रवृत्तियों से दूर रहे हैं। आर्थिक तंगी का हवाला देकर सरकार पहले नए कर लगा रही है और अब राजस्व बढ़ाने के नाम पर लॉटरी शुरू की जा रही है।

यह तो बड़ा मजाक
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह कहना कि लॉटरी से किसी को इसकी आदत नहीं लगेगी और यह केवल भाग्य का खेल है, अपने आप में बड़ा मजाक है। प्रदेश पहले ही नशे की गंभीर समस्या से जूझ रहा है और चिट्टा गांव-गांव तक पहुंच चुका है। ऐसे में लॉटरी शुरू होने से एक और लत को बढ़ावा मिल सकता है।

लॉटरी से कई परिवार बर्बाद हुए

उन्होंने दावा किया कि अतीत में लॉटरी के कारण कई परिवार बर्बाद हुए और लोगों को घर-जमीन तक बेचनी पड़ी। कर्ज के कारण कई लोगों ने आत्महत्या तक की। वर्ष 1999 के बाद प्रदेश इस प्रवृत्ति से बाहर निकला था।

उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिसमें लोगों को मेहनत का फल मिले, न कि हजारों लोगों का पैसा एक व्यक्ति के भाग्य के नाम पर चला जाए।

भांग की खेती पर भी सवाल

जयराम ठाकुर ने भांग की खेती को वैध करने के सरकार के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समिति को अध्ययन और दौरे के लिए बनाया गया था, लेकिन उसने भांग की खेती को वैध करने की कोई सिफारिश नहीं की थी। सरकार सदन में इस मुद्दे पर भी स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही है।

युवा कर रहा नौकरी का इंतजार

नेता प्रतिपक्ष ने बेरोजगारी के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि पहली कैबिनेट में एक लाख नौकरियों और पांच वर्ष में पांच लाख रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन युवा आज भी इंतजार कर रहे हैं।

सरकारी कर्मचारी 1.72 लाख रह गए

उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के समय सरकारी कर्मचारियों की संख्या करीब 1.90 लाख थी, जो अब घटकर 1.72 लाख रह गई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी और पेंशनर लगातार धरने पर हैं। एचआरटीसी और एचपीटीडीसी के कर्मचारी भी परेशान हैं। भाजपा इन मुद्दों को विधानसभा के भीतर भी प्रमुखता से उठाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *